Monday, February 23, 2026
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Tarique Rahman Oath Ceremony : तारिक रहमान ने ली बांग्लादेश के प्रधानमंत्री पद की शपथ, NCP सांसदों ने किया शपथग्रहण का बहिष्कार

Tarique Rahman Oath Ceremony : ढाका। तारिक रहमान ने मंगलवार को बांग्लादेश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली और इसके साथ ही अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के सत्ता से बेदखल होने के बाद देश की बागडोर संभालने वाली अंतरिम सरकार के 18 महीने के शासन का अंत हो गया। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने रहमान (60) को परंपरा से हटते हुए, बंगभवन के बजाय जातीय संसद के ‘साउथ प्लाजा’ में पद की शपथ दिलाई। पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया और दिवंगत राष्ट्रपति जियाउर रहमान के पुत्र रहमान 17 वर्षों तक स्वनिर्वासन में लंदन में रहने के बाद दो महीने पहले स्वदेश लौटे थे। प्रधानमंत्री के पद पर उनका कार्यकाल पांच वर्षों का होगा। दिन में, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के सांसदों ने रहमान को संसदीय दल का नेता चुना।

राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने एक समारोह में, मंत्रिमंडल के नये सदस्यों को भी शपथ दिलाई। कार्यक्रम में भारत और पाकिस्तान सहित पड़ोसी देशों के कई नेता उपस्थित थे।लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शपथ ग्रहण समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व किया। विदेश सचिव विक्रम मिसरी भी बिरला के साथ थे। बांग्लादेश में 12 फरवरी को हुए 13वें संसदीय चुनावों में बीएनपी ने 297 में से 209 सीटें जीतीं, जबकि कट्टरपंथी जमात-ए-इस्लामी ने 68 सीटें हासिल कीं। अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग को चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित कर दिया गया था।

चुनाव परिणाम बीएनपी के लिए एक बड़ा उलटफेर साबित हुआ। पार्टी अवामी लीग के 15 वर्षों के शासनकाल में निशाने पर रही थी। अगस्त 2024 में छात्रों के नेतृत्व में हुए देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के कारण अवामी लीग सरकार सत्ता से बेदखल हुई थी। इससे पहले 13वीं जातीय संसद (जेएस) के नवनिर्वाचित सांसदों ने संसद सदस्य के रूप में शपथ ली। रहमान पहली बार प्रधानमंत्री बने हैं। उन्होंने अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस का स्थान लिया है, जिनके कार्यकाल में बांग्लादेश और भारत के संबंधों में काफी गिरावट आई। यूनुस ने अगस्त 2024 में अंतरिम सरकार की बागडोर संभाली थी।

चुनाव के बाद एक प्रेस वार्ता में रहमान ने राष्ट्रीय हित में ‘‘राष्ट्रीय एकता’’ और ‘‘शांति’’ की अपील की तथा आगाह किया कि विभाजनकारी नीतियां लोकतंत्र को कमजोर करेंगी। उन्होंने कहा था कि देश एक नाजुक अर्थव्यवस्था, कमजोर संस्थाओं और बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति का सामना कर रहा है। रहमान ने कहा, हमारे रास्ते और विचार भले ही अलग-अलग हों, लेकिन देश के हित में हमें एकजुट रहना होगा। मेरा दृढ़ विश्वास है कि राष्ट्रीय एकता हमारी सामूहिक शक्ति है, जबकि विभाजन हमारी कमजोरी है। उन्होंने कहा कि नयी सरकार के समक्ष दो प्रमुख चुनौतियां हैं – अर्थव्यवस्था को संभालना और सुशासन सुनिश्चित करना।

NCP सांसदों ने किया शपथग्रहण का बहिष्कार

बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जिसमें सांसदों को संसद सदस्य के साथ-साथ प्रस्तावित ‘संविधान सुधार परिषद’ के सदस्य के रूप में भी शपथ लेने को कहा गया था। यह परिषद हालिया जनमत संग्रह के अनुरूप संविधान में बदलाव के लिए बनाई जानी थी। शपथ ग्रहण से ठीक पहले वरिष्ठ बीएनपी नेता सलाउद्दीन अहमद ने तारिक रहमान की मौजूदगी में पार्टी का फैसला सार्वजनिक किया। इसके बाद बीएनपी सांसदों ने केवल संसद सदस्य के रूप में ही शपथ ली। पार्टी का कहना है कि संविधान सुधार परिषद का प्रावधान मौजूदा संविधान में शामिल नहीं है और इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा आवश्यक है।

Mukesh Kumar
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