Gujarat PNG Connection : गांधीनगर। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने शनिवार को कहा कि राज्य में अगले 10 दिनों में 50,000 से अधिक नए पीएनजी (पाइप के जरिये घरों में पहुंचने वाली रसोई गैस) कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है। सांघवी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपालों के साथ मौजूदा वैश्विक परिदृश्य में पेट्रोल, डीजल, गैस, उर्वरक और अनाज की आपूर्ति की स्थिति पर बैठक की थी।
सीएम भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में शनिवार को गांधीनगर में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक
सांघवी ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में शनिवार को गांधीनगर में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई, जिसमें राज्य में पेट्रोल, डीजल, गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं के भंडार, वितरण प्रणाली और उपलब्धता की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री की पीएनजी कनेक्शन विस्तार की अपील के बाद, गुजरात ने युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया है। हमारा लक्ष्य अगले 10 दिनों के भीतर पूरे राज्य में 50,000 से अधिक पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराना है। पिछले 10 दिनों में 12,000 से अधिक नए पीएनजी कनेक्शन और 300 से अधिक नए वाणिज्यिक पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं।’’

सांघवी ने कहा कि राज्य भर में गैस, पेट्रोल, डीजल और उर्वरक जैसी आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त आपूर्ति है। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को लोगों तक आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तालमेल के साथ काम करने का निर्देश दिया। सांघवी के हवाले से एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि पटेल ने केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए पीएनजी कनेक्शन को प्राथमिकता देने और नए पीएनजी कनेक्शनों को शीघ्रता से उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। इसमें खासकर आवासीय क्षेत्रों, शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों को प्राथमिकता देने को कहा गया है।
गुजरात में 12.8 करोड़ घरेलू एलपीजी कनेक्शन : सांघवी
सांघवी ने कहा, ‘‘देश में पीएनजी गैस कनेक्शन में गुजरात की हिस्सेदारी सबसे अधिक 23 प्रतिशत है। इसके अलावा, देश के 12 प्रतिशत सीएनजी स्टेशन राज्य में हैं। गुजरात में 12.8 करोड़ घरेलू एलपीजी कनेक्शन हैं। सरकार उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तेल और गैस कंपनियों के साथ लगातार समन्वय कर रही है।’’ उन्होंने बताया कि एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए स्थापित हेल्पलाइन के माध्यम से अब तक 10,000 से अधिक शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने पेट्रोल, डीजल और गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ कड़ी निगरानी और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही दोषियों को दंड सुनिश्चित करने को भी कहा है।

सांघवी ने कहा कि इससे लोगों में कमी का झूठा डर दूर होगा। उन्होंने कहा, ‘‘राज्य में पर्याप्त उर्वरक भंडार उपलब्ध है। कृषि विभाग ने यह सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्था की है कि खरीफ मौसम में किसानों को किसी भी प्रकार की कमी का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बंदरगाहों पर माल की सुचारू आवाजाही और निगरानी सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि भीड़भाड़ से आपूर्ति श्रृंखला बाधित न हो।’’ सांघवी ने संबंधित विभागों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि श्रमिकों को उनका वेतन समय पर मिले ताकि वर्तमान वैश्विक स्थिति के कारण उन्हें वित्तीय कठिनाइयों का सामना ना करना पड़े। उन्होंने बताया कि केंद्र के साथ समन्वय बनाए रखने और जिलों में सुचारू आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव के नेतृत्व में एक राज्य स्तरीय समन्वय समिति और जिलाधिकारी के नेतृत्व में जिला स्तरीय समितियों के गठन का निर्णय लिया गया है।



