कोलकाता। उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखालि इलाके में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक कार्यकर्ता को गिरफ्तार किए जाने के बाद उग्र भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया, जिसमें छह पुलिसकर्मी घायल हो गए। अधिकारी के अनुसार, नजात थाने की एक टीम शुक्रवार रात संदेशखालि ब्लॉक के बोयरमारी गांव में तृणमूल कार्यकर्ता मूसा मोल्ला को गिरफ्तार करने गई थी। इसी दौरान ग्रामीणों के एक समूह ने पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया और पुलिस वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। उन्होंने बताया कि एक अधिकारी समेत छह घायल पुलिसकर्मियों का स्थानीय अस्पताल में उपचार किया गया और बाद में उन्हें छुट्टी दे दी गई।
अधिकारी ने कहा कि जब पुलिसकर्मी मोल्ला को उसके घर से हिरासत में लेकर पुलिस वाहन में बिठा रहे थे, उसी समय ग्रामीणों के एक समूह ने पथराव कर दिया।उन्होंने बताया कि मोल्ला को इलाके में मत्स्य पालन के लिए जलाशयों पर जबरन कब्जा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। अतिरिक्त पुलिस बल भेजे जाने और भीड़ को खदेड़ने के बाद ही उसे पुलिस थाने ले जाया जा सका। इसके अलावा, ग्राम पंचायत प्रधान समेत टीएमसी के दो स्थानीय नेताओं को भी भीड़ को उकसाने के आरोप में हिरासत में लिया गया है।
पांच जनवरी 2024 को राशन वितरण घोटाले के सिलसिले में टीएमसी के प्रभावशाली स्थानीय नेता और जिला परिषद के सदस्य शेख शाहजहां के आवास पर छापेमारी करने पहुंची प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक टीम पर भी इसी तरह हमला हुआ था। शाहजहां को बाद में सीबीआई ने गिरफ्तार किया था और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।
भाजपा नेता सजल घोष ने कहा कि राज्य पुलिस पर हमला मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के शासन में टीएमसी कार्यकर्ताओं की “हताशा और दुस्साहस” को दर्शाता है।उन्होंने कहा, दो साल पहले ईडी अधिकारियों पर हुआ हमला हो या अब राज्य पुलिस पर हमला…तरीका वही है। क्या राज्य पुलिस सत्तारूढ़ दल के खिलाफ खड़े होने और उचित कार्रवाई करने का साहस जुटा पाएगी? वहीं, टीएमसी के प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने कहा, पुलिस पर हमला निंदनीय है और पार्टी इस तरह की गतिविधियों का समर्थन नहीं करती। पुलिस जो भी कार्रवाई करेगी, उसे हमारा समर्थन होगा।




