RBI Repo Rate: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक बार नीतिगत ब्याज दर रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है. बुधवार को चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में उम्मीद के मुताबिक प्रमुख नीतिगत दर रेपो को 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा साथ ही अपने रुख को भी तटस्थ बनाए रखा. इससे पहले RBI ने फरवरी में भी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया था.
क्या है रेपो दर और इसका असर
रेपो दर वह ब्याज दर होती है, जिस पर वाणिज्यिक बैंक अपनी अल्पकालिक जरूरतों को पूरा करने के लिए केंद्रीय बैंक से कर्ज लेते हैं. RBI के इस फैसले का सीधा असर आम लोगों पर भी पड़ता है. इसमें कोई बदलाव नहीं होने से आपके होम लोन की EMI में फिलहाल कोई बदलाव नहीं होगा.
मौद्रिक नीति समिति ने सर्वसम्मति से लिया निर्णय
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि 6 अप्रैल से शुरू हुई तीन दिवसीय बैठक के बाद छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया. केंद्रीय बैंक ने अपनी मौद्रिक नीति का रुख ‘न्यूट्रल’ यानी तटस्थ बनाए रखा है. इसका मतलब है कि भविष्य में आर्थिक हालात के अनुसार दरों में बढ़ोतरी या कटौती दोनों की संभावना खुली है.
GDP वृद्धि दर का अनुमान 7.6 प्रतिशत किया
उल्लेखनीय है कि पिछले साल फरवरी से दिसंबर, 2025 तक रेपो दर में कुल 1.25 प्रतिशत की कटौती की जा चुकी है. फरवरी में भी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत दर को यथावत रखा गया था. केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए GDP वृद्धि दर के अनुमान को बढ़ाकर 7.6 प्रतिशत कर दिया है. वहीं चालू वित्त वर्ष 2026-27 में इसके 6.9 प्रतिशत रहने की संभावना जताई गई है. चालू वित्त वर्ष के लिए खुदरा मुद्रास्फीति 4.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
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