जयपुर/टोंक। राजस्थान की सियासत में इन दिनों ‘निकाय और पंचायत चुनाव’ सबसे बड़ा अखाड़ा बन चुके हैं। एक तरफ राजस्थान हाईकोर्ट का कड़ा निर्देश है कि 15 अप्रैल, 2026 तक हर हाल में चुनाव कराए जाएं, तो दूसरी तरफ भजनलाल सरकार कभी ‘वन स्टेट-वन इलेक्शन’ तो कभी ‘OBC आयोग की रिपोर्ट’ का हवाला देकर गेंद दूसरे पाले में डाल रही है। लेकिन कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने इस देरी के पीछे की ‘असली वजह’ बताकर सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। पायलट का सीधा दावा है कि सरकार अपनी हार तय मान चुकी है, इसीलिए चुनाव के मैदान से भाग रही है।
‘ढाई साल में असर शून्य, अफसरशाही पूरी तरह हावी’
रविवार को अपने निर्वाचन क्षेत्र टोंक के दौरे पर रहे सचिन पायलट ने देवपुरा, हरचंदेड़ा, भरनी और सोनवा जैसे गांवों में जनसंपर्क किया। इस दौरान पायलट ने सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा प्रहार करते हुए कहा, ‘प्रदेश की भाजपा सरकार पिछले ढाई साल में जनता पर कोई सकारात्मक प्रभाव नहीं छोड़ पाई है। आज स्थिति यह है कि सरकार पर अफसरशाही पूरी तरह हावी हो चुकी है और जनप्रतिनिधि बौने साबित हो रहे हैं। जनता अब हिसाब मांगने को तैयार बैठी है, इसीलिए सरकार चुनाव कराने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही।’
केरल और असम की राजनीति पर भी बरसे पायलट
-केरल चुनाव: उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग की जल्दबाजी के बावजूद कांग्रेस ने वहां मजबूती दिखाई है।
-असम CM पर हमला: पायलट ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री की अभद्र भाषा उनकी घबराहट दिखा रही है और वहां सरकारी तंत्र का दुरुपयोग हो रहा है।
-किसानों की अनदेखी: उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार को घेरते हुए कहा कि ‘अन्नदाता’ को नुकसान होने पर समय पर राहत नहीं मिल रही, जो बेहद चिंताजनक है।
निकाय चुनाव: ‘सूपड़ा साफ होने का डर’
सचिन पायलट ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि नगर निकाय और जिला परिषद चुनावों में भाजपा का ‘सूपड़ा साफ’ होना तय है। उन्होंने आह्वान किया कि कार्यकर्ता बूथ स्तर तक सक्रिय रहें और महंगाई व बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सरकार की ‘जनविरोधी’ नीतियों को उजागर करें।
कार्यकर्ताओं ने किया भव्य स्वागत
निवाई के दत्तवास मोड़ पर गंगापुर सिटी से टोंक जाते समय कार्यकर्ताओं ने पायलट का पारंपरिक अंदाज में साफा पहनाकर स्वागत किया। इस दौरान कांग्रेस मंडल अध्यक्ष रामस्वरूप गुर्जर सहित मीठालाल मीणा, लादूराम मीणा और अन्य प्रमुख कार्यकर्ता मौजूद रहे। पायलट ने बूथ स्तर तक सक्रियता बढ़ाने और सरकार की ‘जनविरोधी’ नीतियों को उजागर करने का मंत्र दिया।



