मनीष कुमार शर्मा, रिपोर्टर
Rajasthan LPG Crisis: ईरान और इजरायल-अमेरिका युद्ध का असर अब घर की रसोई से लेकर बाजार तक दिख रहा है। यहां होटल, रेस्टोरेंट, पर्यटन व्यवसाय और रोजगार पर सकंट के बादल मंडराने लगे हैं। स्थिति यह है कि घरेलू गैस महंगी होने के बाद अब तेल कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई पर रोक लगा दी है। ऐसे में 15 मार्च तक प्रदेश में होने वाली हजारों शादियों में दिक्कत होना तय माना जा रहा है। वहीं, आम जनता के मन में पेट्रोल और डीजल सप्लाई को लेकर भी डर का माहौल है।
4 दिनों में प्रदेश में करीब 30 हजार शादियां होने का अनुमान है। शादी-विवाह पर कमर्शियल सिलेंडर का ही उपयोग किया जाता है जबकि तेल कंपनियों ने कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई पर रोक लगा दी है। ऐसे में कमर्शियल सिलेंडर की कालाबाजारी बढ़ने की संभावना है तो दूसरी ओर घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग कमर्शियल सिलेंडर की जगह बढ़ने की आशंका भी है। उधर, केन्द्र सरकार की ओर से बार-बार कहा जा रहा है कि देश में गैस की कोई किल्लत नहीं है, इसके बावजूद अनिश्चितता का माहौल है। इस माहौल को गति देने का काम तेल कंपनियों की ओर से बुकिंग सिस्टम सुचारू नहीं होने के रूप में देखने को मिल रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि IVRS सिस्टम के जरिए उनकी गैस बुकिंग नहीं हो रही। जब गैस एजेंसी पर जाकर उपभोक्ता संपर्क कर रहे हैं तो उन्हें बताया जा रहा है कि आप तेल कंपनी का ऐप या व्हाट्सएप से भी बुकिंग करवा सकते हैं। हालांकि, एजेंसी संचालकों का कहना है पिछले दो दिन में अचानक से घरेलू गैस की बुकिंग दोगुनी तक पहुंच गई है। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि यदि होटल-रेस्टोरेंट में एलपीजी गैस सप्लाई व्यवस्था को सुचारू नहीं किया गया तो हजारों ढाबे, रेस्त्रा, स्कूल में संचालित किचन, छोटे थड़ी-ठेला व्यापारी से लेकर घर तक दिक्कतें ज्यादा बढ़ सकती हैं।
होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री पर असर
होटल फैडरेशन ऑफ राजस्थान के अध्यक्ष हुसैन खान ने बताया कि ‘राजस्थान में 17 से 18 हजार होटल हैं, जहां कमर्शियल सिलेंडर का उपयोग किया जाता है। सप्लाई व्यवस्था बाधित होने से होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री पर इसका असर पड़ना तय है। जब होटल में आने वाले मेहमानों को खाना नहीं मिलेगा तो रोजगार में भी दिक्कतें हो सकती हैं। टूरिज्म सेक्टर से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 30 लाख लोग जुड़े हुए हैं, जो चिन्ता में हैं। इस संबंध में खाद्य मंत्री से लेकर अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं’।
प्रदेश में 15 मार्च तक करीब 30 हजार शादियां
ऑल इंडिया टेंट डेकोरेटर वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि जिंदल ने बताया कि प्रदेश में 15 मार्च तक करीब 30 हजार शादियां हैं। प्रत्यके शादी में 15 से 25 कमर्शियल सिलेंडर लगते हैं और औसतन 150 लोगों को रोजगार मिलता है। सप्लाई पर रोक लगने से 45 लाख लोगों पर रोजगार का संकट बना हुआ है। महंगे दामों पर कमर्शियल सिलेंडर खरीदना लोगों की मजबूरी है। 25 से 30 हजार प्रत्येक शादी समारोह में खर्च बढ़ गया है। कोयले या लकड़ी का उपयोग करने से आगजनी या हादसा होने की संभावना रहती है। जल्द ही हल निकालना चाहिए।
‘होटल-रेस्टोरेंट संचालकों में अनिश्चय की स्थिति’
होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ राजस्थान के अध्यक्ष तरुण बंसल ने बताया कि होटल-रेस्टोरेंट संचालकों में अनिश्चय की स्थिति है, कमर्शियल सिलेंडर टोटली बैन है। प्रदेश की जीडीपी में 12 से 15 प्रतिशत और रोजगार में 10 प्रतिशत का योगदान होटल, रेस्टोरेंट और फूड चेन सप्लाई का है। जब तक स्टॉक में गैस है तब तक काम चला रहे हैं। कई जगह खाने का मैन्यू कम कर दिया है। हम सरकार के साथ हैं, लेकिन पूरी तरह तो बैन नहीं लगाना चाहिए। इस संबंध में केन्द्र से लेकर राज्य स्तर तक राहत देने का आग्रह कर चुके हैं।
‘रोजाना लाखों रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा’
कानजी होटल एंड रेस्टोरेंट के सीईओ नवीन हरितवाल ने बताया कि स्थिति बेहद खराब है, क्योंकि गैस नहीं होने से रेस्टोरेंट का पूरा काम डिस्टर्ब हो चुका है। रोजाना लाखों रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इंडक्शन का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन कहां तक कर सकते हैं। जयपुर में करीब 1800 फाइव स्टार रेस्टोरेंट हैं, जिनमें फूड मेकिंग से लेकर सप्लाई तक औसतन 25 लोग काम करते हैं। काम नहीं कर सकेंगे तो लगभग 45 हजार लोगों पर रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा। पीएम मोदी ने पहले भी कई सकंटों से उबारा है, अब फिर उम्मीद है।
‘रेस्टोरेंट चलाना मुश्किल हो गया है’
टिप्सी रेस्टोरेंट के संचालक विनीत शर्मा ने बताया कि कमर्शियल सिलेंडर पर रोक लगने के बाद रेस्टोरेंट चलाना मुश्किल हो गया है। मैन्यू में कई बदलवा किए गए हैं, इसका असर व्यापार पर पड़ रहा है। एक—दो दिन का स्टॉक है, जिसे देखते हुए कोयले की सिगड़ी और इंडक्शन से खाना बनाया जा रहा है। कोयला भी कम मात्रा में ही उपलब्ध है। सरकार को इसका हल जल्द से जल्द निकालना चाहिए।
‘कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह से बंद’
शिव गैस सर्विस संचालक डॉ केपी मीना ने बताया कि कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह से बंद हो चुकी है। डोमेस्टिक में 7 मार्च तक सप्लाई सामान्य रूप से चालू थी, लेकिन अब कंपनियों की ओर से टेक्निकल इश्यू बताते हुए सप्लाई बंद हो गई है। लोग एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर आशंकित हैं, ऐसे में बुकिंग लगभग दो गुना हो गई है।
‘IVRS से बुक नहीं हो रहा सिलेंडर’
घरेलू गैस उपभोक्ता संजय महावर ने कहा कि 2 महीने पहले घरेलू गैस सिलेंडर लिया था। बुधवार को आईवीआरएस से बुकिंग करने की काफी कोशिश की, लेकिन फोन ही नहीं लग सका। कंज्यूमर नंबर 7563257386 है, गैस एजेंसी पर बुक कराने पहुंचा तो बताया गया कि ट्राई करते रहो, अभी सर्वर डाउन है। इण्डेन का एप डाउनलोड करके उससे बुकिंग कराने की कही है, लेकिन इसकी जानकारी नहीं है।
‘पेट्रोल-डीजल की सप्लाई को लेकर अभी कोई दिक्कत नहीं’
राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के संरक्षक सुनीत बगई ने बताया कि प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई को लेकर अभी कोई दिक्कत नहीं है. एडवांस पेमेंट देकर जितनी डिमांड कर रहे हैं, उतना मिल रहा है। लोगों को अगले 45 दिनों तक पेट्रोल या डीजल सप्लाई को लेकर घबराने जैसी कोई बात नहीं है। प्रदेश में 8 हजार और जयपुर शहर में करीब 300 पेट्रोल पंप हैं, जहां सप्लाई बराबर है।
केन्द्र सरकार का दावा: बुकिंग के बाद ढाई दिन में मिलेगा सिलेंडर
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच केंद्र सरकार के मंत्रालयों ने बुधवार को एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की और लोगों की चिंताओं को दूर किया। इस दौरान पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि प्राथमिक क्षेत्रों को किसी तरह की कटौती के बिना गैस आपूर्ति दी जाएगी। उन्होंने बताया कि गलत सूचनाओं के कारण रसोई गैस सिलेंडर को लेकर अफरा-तफरी है। उन्होंने कहा कि बुकिंग करने के बाद ढाई दिन में सिलेंडर की डिलीवरी मिलेगी। तेल उत्पादन कंपनियों को केंद्र सरकार ने 30,000 करोड़ रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की है। दिल्ली और नोएडा समेत कई राज्यों के शहरों में रसोई गैस सिलेंडर के लिए लंबी-लंबी कतार दिख रही है। लोग सिलेंडर भराकर रखना चाहते हैं। हालांकि, केंद्र सरकार ने किसी भी प्रकार की किल्लत की खबरों को खारिज कर दिया है।




