Industrial Park Incentive Policy 2026 : जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति मिली है। राज्य सरकार द्वारा 34 से अधिक नीतियां लागू की गई हैं, जिससे प्रदेश में निवेश के लिए बेहतर ईको-सिस्टम बन रहा है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, अनुमोदन प्रक्रिया का सरलीकरण जैसे विभिन्न निर्णयों से प्रदेश का औद्योगिक परिदृश्य बदला है। इसी क्रम में सरकार द्वारा राजस्थान औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति-2026 लाई गई है, जिससे विश्व स्तरीय औद्योगिक पार्कों का विकास होगा तथा राजस्थान देश-विदेश में विश्वसनीय एवं फ्यूचर रैडी इंडस्ट्रियल डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित होगा।
औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राइजिंग, रिलायबल एण्ड रिसेप्टिव राजस्थान के दृष्टिकोण के अनुरूप प्रदेश में औद्योगिक निवेश के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने का प्रयास है। साथ ही, ये नीति मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी पूरा करने में मददगार साबित होगी। इस नीति के तहत विश्वस्तरीय औद्योगिक पार्कों का विकास, भूमि-जल-ऊर्जा संसाधनों का वैज्ञानिक एवं सतत उपयोग तथा लॉजिस्टिक्स सुविधाएं को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।इससे निवेश को प्रोत्साहन, रोजगार सृजन तथा सभी क्षेत्रों का संतुलित विकास भी सुनिश्चित होगा।
चार मॉडल से होगा औद्योगिक पार्कों का विकास
इस नीति के अंतर्गत निजी क्षेत्रों में औद्योगिक पार्कों को चार विकास मॉडलों पर विकसित किया जाएगा। मॉडल-ए में रीको द्वारा आवंटित भूमि पर पूरी तरह निजी डवलपर द्वारा विकास किया जाएगा। वहीं, मॉडल-बी के अंतर्गत औद्योगिक पार्क के लिए 80 प्रतिशत भूमि विकासकर्ता द्वाराएवं शेष 20 प्रतिशत भूमि रीको द्वारा निर्धारित दरों पर उपलब्ध कराई जाएगी। इसी तरह, मॉडल-सी के तहत पार्क के लिए संपूर्ण भूमि की विकासकर्ता द्वारा व्यवस्था की जाएगी तथा मॉडल-डी पीपीपी मॉडल पर आधारित होगा। नीति के तहत निजी क्षेत्र में औद्योगिक पार्कों के लिए कम से कम 50 एकड़ क्षेत्रफल तथा न्यूनतम 10 औद्योगिक इकाइयों की स्थापना अनिवार्य होगी।
हरित विकास को मिलेगा बढ़ावा
औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति के तहत हरित विकास को बढ़ावा देने के साथ ही औद्योगिक प्रदूषण को भी कम किया जाएगा। इसके लिए सीईटीपी पर व्यय का 50 प्रतिशत प्रतिपूर्ति (अधिकतम 12.5 करोड़ रुपये प्रति पार्क) का प्रावधान किया गया है। इस नीति के तहत प्रथम 10 औद्योगिक पार्क डवलपर्स को सामान्य अवसंरचना विकास पर 20 प्रतिशत पूंजीगत अनुदान दिया जाएगा।इसकी अधिकतम सीमा 100 एकड़ क्षेत्रफल तक 20 करोड़ रुपये, 100 से 250 एकड़ क्षेत्रफल पर 30 करोड़ तथा 250 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल के लिए 40 करोड़ रुपये होगी।
औद्योगिक पार्क तक बुनियादी ढांचे का होगा सुदृढ़ीकरण
राज्य सरकार औद्योगिक बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इस नीति में भी अवसंरचना के प्रोत्साहन के लिए सरकार द्वारा औद्योगिक पार्क तक जल एवं विद्युत की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, औद्योगिक पार्क के निकटतम सड़क एवं सम्पर्क मार्ग का निर्माण करवाया जाएगा। इसके लिए 60 प्रतिशत राज्य सरकार एवं 40 प्रतिशत व्यय विकासकर्ता द्वारा वहन किया जाएगा तथा इसमें राज्य सरकार का अधिकतम अंशदान 3 करोड़ रुपये तक होगा।
सिंगल विंडो क्लीयरेंस सेआवेदनों का होगा समयबद्ध निस्तारण
प्रदेश सरकार के पूर्ण पारदर्शी एवं जवाबदेही सुशासन के विजन का इस नीति में भी विशेष ध्यान रखा गया है। औद्योगिक पार्क की स्थापना के लिए प्रस्तावित भूमि की जानकारी राज निवेश पोर्टल पर उपलब्ध होगी। इस पोर्टल पर सिंगल विंडो क्लीयरेंस के माध्यम से आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण हो सकेगा। नीति में कैप्टिव नवीकरणीय ऊर्जा पर 7 वर्ष तक 100 प्रतिशत विद्युत शुल्क छूट, स्टाम्प शुल्क एवं कन्वर्जन शुल्क में 25 प्रतिशत छूट तथा प्लग-एंड-प्ले ऑफिस कॉम्प्लेक्स एवं कॉमन यूटिलिटी सेंटर के लिए रिप्स-2024 के अंतर्गत अतिरिक्त प्रोत्साहन भी सम्मिलित हैं।



