Thursday, March 19, 2026
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Rajasthan Day 2026 : आमेर में राजस्थानी कलाकारों संग नाचे पर्यटक, आखिर क्यों बदली गई राजस्थान दिवस की तारीख, यहां जानें पूरी डिटेल्स

राजस्थान दिवस और नव संवत के अवसर पर आमेर महल में विशेष आयोजन किया गया, जहां पर्यटकों को निशुल्क प्रवेश दिया गया। इस पहल से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे और उत्साह देखने को मिला। महल अधीक्षक डॉ. राकेश छोलक के अनुसार, इस मौके पर राजस्थानी लोक कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें देखकर देश-विदेश से आए पर्यटक बेहद आनंदित नजर आए।

रिपोर्टर : मनीष शर्मा

Rajasthan Day 2026 : जयपुर। आमेर महल में राजस्थान दिवस धूमधाम से मनाया जा रहा है। आज यहां नव संवत और राजस्थान दिवस के मौके पर पर्यटकों को निशुल्क प्रवेश दिया गया। इसके बाद यहां पर्यटकों में काफी खुश नजर आ रहे हैं।

आमेर महल अधीक्षक डॉ. राकेश छोलक ने बताया कि महल में राजस्थान दिवस के अवसर पर राजस्थानी लोक कलाओं की कलाकारों द्वारा प्रस्तुतियां भी दी जा रही हैं, जिसे देखकर टूरिस्ट काफी उत्साहित हैं।

जानिए कब मनाया जाता है राजस्थान दिवस?

राजस्थान दिवस की तारीख में बदलाव के साथ इस साल एक नई परंपरा शुरू हो रही है। राज्य सरकार ने ऐतिहासिक फैसला किया है कि अब से राजस्थान दिवस हिंदी पंचांग के मुताबिक चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन मनाया जाएगा। इसी आधार पर 2026 में राजस्थान दिवस 19 मार्च को आयोजित किया जाएगा। जानकारी के लिए बता दें कि पहले यह दिवस हर साल 30 मार्च को मनाया जाता था, जबकि पिछले साल इसे 25 मार्च को मनाया गया था। यह बदलाव राज्य की सांस्कृतिक और पंचांग परंपराओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इस वजह से बदली गई तारीख?

राजस्थान दिवस की तारीख को अब ग्रेगोरियन कैलेंडर की बजाय हिंदी पंचांग से जोड़ा जा रहा है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा नए साल की शुरुआत का प्रतीक है और राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा हुआ है। सरकार का मानना है कि इस बदलाव से उत्सव अधिक पारंपरिक और प्रासंगिक बनेगा। इससे राज्य की लोक संस्कृति, त्योहारों और पंचांग परंपरा को नई पहचान मिलेगी।

राजस्थान दिवस का ऐतिहासिक महत्व

राजस्थान दिवस का संबंध प्रदेश के एकीकरण से है। 30 मार्च 1949 को जयपुर, जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर और अन्य रियासतों के विलय के बाद वृहत्तर राजस्थान संघ का गठन हुआ था। इससे पहले इस क्षेत्र को राजपूताना कहा जाता था. राज्य का एकीकरण कुल सात चरणों में पूरा हुआ. पहला चरण 1948 में अलवर, भरतपुर, धौलपुर और करौली के विलय से शुरू हुआ। धीरे-धीरे अन्य रियासतें जुड़ती गईं और अंततः 1 नवंबर 1956 को अजमेर-मेरवाड़ा के विलय के साथ वर्तमान राजस्थान का स्वरूप पूरा हुआ।

Mukesh Kumar
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