Rahul Gandhi: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर किसानों के मुद्दे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अपने स्वार्थ के लिए भारतीय कृषि को कुर्बान करने को भी तैयार दिखाई दे रही है. राहुल गांधी ने शनिवार को सोशल मीडिया पर अपने लिखित प्रश्न और सरकार के जवाब का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने संसद में सरकार से पूछा था कि वर्ष 2021 में किसानों से किया गया ‘सी2+50 प्रतिशत’ कानूनी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का वादा अब तक लागू क्यों नहीं किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने इस सवाल का सीधा जवाब देने से बचते हुए केवल अपनी पुरानी MSP नीति को दोहरा दिया.
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि सरकार ने अपने जवाब में स्वीकार किया है कि उसने राज्यों पर MSP बोनस खत्म करने का दबाव डाला. उनके अनुसार इसे बिना ठोस तर्क के राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के नाम पर सही ठहराया गया.
अमेरिका ट्रेड डील का जिक्र कर उठाया सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते का जिक्र करते हुए भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि समझौते में गैर-व्यापारिक अवरोध कम करने की बात कही जा रही है, जिससे यह आशंका पैदा होती है कि कहीं MSP और सरकारी खरीद प्रणाली को कमजोर करने की कोशिश तो नहीं हो रही.
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार किसानों से किया गया वादा निभाना नहीं चाहती. उन्होंने कहा कि वह किसानों के अधिकारों और MSP की रक्षा के लिए संसद के भीतर और बाहर आवाज उठाते रहेंगे.
राहुल गांधी ने पूछा था ये सवाल
गौरतलब है कि रायबरेली से सांसद राहुल गांधी ने 10 मार्च को लोकसभा में लिखित प्रश्न पूछा था कि क्या सरकार ने 2021 में आंदोलन कर रहे किसानों से सभी फसलों के लिए ‘सी2+50 प्रतिशत’ के आधार पर कानूनी MSP लागू करने पर विचार करने का वादा किया था। इसके जवाब में कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि सरकार हर वर्ष कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों और राज्यों व संबंधित मंत्रालयों के सुझावों के आधार पर 22 अधिदेशित फसलों के लिए MSP तय करती है.
उन्होंने बताया कि ‘इसी के अनुसार, सरकार ने वर्ष 2018-19 से उत्पादन की औसत लागत पर 50 प्रतिशत के न्यूनतम रिटर्न के साथ सभी अधिदेशित खरीफ, रबी और अन्य वाणिज्यिक फसलों के लिए एमएसपी में वृद्धि की थी, जिससे देश भर के किसान लाभान्वित हुए हैं।’
ये भी पढ़ें: Sonam Wangchuk की रिहाई का रास्ता साफ, सरकार ने करीब 6 महीने बाद हिरासत की रद्द, NSA केस भी हटाया




