Wednesday, May 22, 2024
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    Rahul Gandhi in Loksabha : मै एक दो गोले जरुर मारूंगा… पर इतना नही मारुगां… डरने की जरुरत नहीं…

    दिल्ली। लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर राहुल गांधी का भाषण शुरु होते ही हंगामा होने लगा. इसके पहले राहुल गांधी ने लोकसभा की सदस्यता बहाल करने के लिए स्पीकर ओम बिरला का धन्यवाद किया. राहुल गांधी के भाषण के दौरान लगातार भारत जोड़ो-भारत जोड़ो के नारे लगते रहे. राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा कि मेरे बीजेपी को मित्रों को डरने की जरुरत नहीं हैं. मै आज अड़ाणी के मुद्दे पर नहीं बोलूंगा. मै आप पर इतना आक्रमण नहीं करुंगा. हां लेकिन एक-दो गोले जरुरु मारुंगा. राहुल गांधी ने स्पीकर महोदय से माफी मांगते हुए कहा कि मैंने पिछली बार अडानी के मुद्दे पर जोर से बोला था. उससे सीनियर नेता को कष्ट हुआ. लेकिन आपको अब डरने की जरूरत नहीं है. कोई घबराने की जरूरत नहीं है. आज मेरा भाषण अडानी पर नहीं बोलने जा रहा है. आप रिलेक्स कर सकते हैं. शांत रह सकते हैं. मेरा भाषण आज दूसरी दिशा में जा रहा है. रूमी ने कहा था- जो शब्द दिल से आते हैं, वो शब्द दिल में जाते हैं. तो आज मैं दिमाग से नहीं दिल से बोलना चाहता हूं और मैं आप लोगों पर इतना आक्रमण नहीं करूंगा. एक दो गोले जरूर मारूंगा, लेकिन इतने नहीं मारूंगा. आप लोग रिलेक्स कर सकते हैं.

    Parliament No-Confidence Motion Live- लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने अपनी भारत जोड़ो यात्रा को जिक्र किया. राहुल गांधी ने कहा कि बहुत सारे लोगों ने पूछा कि तुम क्यों चल रहे हो ? तुम्हारा मकसद क्या है? तुम कन्याकुमारी से कश्मीर तक क्यों जा रहे हो. शुरुआत में मेरे मुंह से जवाब नहीं निकलता था. शायद मुझे ही नहीं मालूम था कि मैं क्यों यात्रा कर रहा हूं. मैं लोगों को जानना चाहता था, उन्हें समझना चाहता था. थोड़ी देर में मुझे बात समझ आने लगी. जिस चीज के लिए मैं मरने को तैयार, जिस चीज के लिए मोदी की जेलों में जाने के लिए तैयार. जिस चीज को मैंने हर रोज गाली खाई. उस चीज को समझना चाहता था. ये है क्या? जिसने मेरे दिल को इतनी मजबूती से पकड़ रखा था, उसे समझना चाहता था. मैं  हर रोज 8-10 किलोमीटर चलता था. तो सोचता था कि मैं 20-25 किलोमीटर चल सकता हूं. मुझे अहंकार था. लेकिन भारत अहंकार को सेकेंड में मिटा देता है. दो तीन दिन में ही मेरे घुटनों में इतना दर्द हुआ कि मेरा अहंकार निकल गया. मेरा अहंकार भेड़िया से चीटी बन गया.

    राहुल गांधी ने कहा, यात्रा के दौरान एक किसान ने रुई का बंडल दिया. उसने कहा, मेरे पास राहुल जी यही बचा है. बाकी कुछ नहीं बचा. राहुल ने कहा, मैंने किसान ने पूछा कि उसे बीमा का पैसा मिला. उसने कहा, नहीं…भारत के बड़े उद्योगपतियों ने उसे छीन लिया. राहुल ने कहा, मैंने अजीब सी चीज देखी. उसके दिल में जो दर्द था, वो दर्द मैंने महसूस किया. उसका दर्द मेरा दर्द बन गया. राहुल ने कहा, लोग कहते हैं कि ये देश है, कोई कहता है कि ये अलग अलग भाषाएं हैं. कोई कहता है कि धर्म है. ये सोना है. ये चांदी है. मगर सच्चाई है कि देश एक आवाज है. यह देश सिर्फ एक आवाज है. दर्द है, दुख है. कठिनाई है. अगर इस आवाज को सुनना है, तो जो हमारा अहंकार है, हमारे सपने उसे किनारे करना पड़ेगा. तभी वो आवाज सुनाई देगी.

    राहुल ने कहा, कुछ दिन पहले मणिपुर गया. लेकिन हमारे पीएम नहीं गए. क्योंकि उनके लिए मणिपुर भारत नहीं है. मणिपुर की सच्चाई है कि मणिपुर नहीं बचा है. आपने मणिपुर को दो भागों में बांट दिया है. तोड़ दिया है. मैं राहत शिविरों में गया हूं, मैंने वहां महिलाओं से बात की. एक महिला से पूछा कि क्या हुआ तुम्हारे साथ. उसने कहा, मेरा छोटा सा बेटा, एक ही बेटा था. मेरे आंखों के सामने उसको गोली मारी गई. मैं पूरी रात उसकी लाश के साथ लेटी रही. फिर मुझे डर लगा, मैंने अपना घर छोड़ दिया. मैंने पूछा कि कुछ तो लाई होगी. उसने कहा कि मेरे पास सिर्फ मेरे कपड़े हैं और एक फोटो निकालती है, कहती है कि यही बस मेरे पास बची है.

    राहुल गांधी ने कहा, एक और उदाहरण दूसरे कैंप में एक महिला मेरे पास आई. मैंने उससे पूछा, तुम्हारे साथ क्या हुआ? जैसे ही मैंने उससे ये सवाल पूछा, वैसे ही एक सेकंड में वह कांपने लगी. उसने अपनी दिमाग में वह दृश्य देखा और वह बेहोश हो गई. मेरे सामने बेहोश हो गई. मैं ये सिर्फ दो उदाहरण दिए हैं. इन्होंने मणिपुर में हिंदुस्तान की हत्या की है. इन्होंने मणिपुर में हिंदुस्तान को मारा है. हिंदुस्तान का मणिपुर में कत्ल किया है, मर्डर किया है.

    राहुल के इस बयान पर सत्तापक्ष ने हंगामा कर दिया. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, मणिपुर में 7 दशक में जो हुआ, उसके लिए कांग्रेस जिम्मेदार है. राहुल को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए. राहुल ने कहा, जैसे मैंने भाषण की शुरुआत में बोला भारत एक आवाज है. भारत हमारी जनता की आवाज है. दिल की आवाज है. उस आवाज की हत्या आपने मणिपुर में की. इसका मतलब आपने भारत माता की हत्या मणिपुर में की. आपने मणिपुर के लोगों को मारकर भारत माता की हत्या की. आप देशद्रोही हो. आप द्रेशप्रेमी नहीं हो. इसलिए आपके पीएम मणिपुर में नहीं जा सकते हैं. क्योंकि उन्होंने हिंदुस्तान की हत्या की है. भारत माता की हत्या की है. आप भारत माता के रखवाले नहीं हो, आप भारत माता के हत्यारे हो.

    इस दौरान स्पीकर ओम बिरला ने राहुल को टोका और कहा कि उन्हें आदर से बात करनी चाहिए. इस पर राहुल गांधी ने कहा कि मैं अपनी मां की हत्या की बात कर रहा हूं. मैं आदर से बोल रहा हूं. हिंदुस्तान की सेना मणिपुर में एक दिन में शांति ला सकती है. लेकिन आपका उसका इस्तेमाल नहीं कर रहे हो. क्योंकि आप मणिपुर में भारत माता को मारना चाहते हैं. पीएम मोदी अपने दिल की बात नहीं सुनते तो किसकी बात सुनते हैं, सिर्फ दो लोगों की बात सुनते हैं.

    राहुल ने कहा, रावण दो लोगों की सुनता था, मेघनाथ और कुंभकर्ण, उसी तरह मोदी सिर्फ दो लोगों की सुनते हैं अमित शाह और अडानी. लंका को हनुमान ने नहीं जलाया था, अहंकार ने लंका को जलाया था. राम ने रावण को नहीं मारा था, अहंकार ने उसे मारा था. आप पूरे देश में केरोसिन फेंक रहे हो. आप हरियाणा को जला रहे हो. आप पूरे देश को जलाने में लगे हो.

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