Canada PM Praise Modi : सिडनी। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आम लोगों तक कल्याणकारी कार्यक्रमों को पहुंचाने पर “बहुत ध्यान केंद्रित” कर रहे हैं और भारत में “वित्तीय सुधारों” के माध्यम से “लाखों” लोगों को औपचारिक अर्थव्यवस्था में लाने में सफल रहे हैं। कार्नी बुधवार को ऑस्ट्रेलिया की प्रमुख विचारक संस्था लोवी इंस्टीट्यूट में परिसंवाद कर रहे थे, जहां उनसे प्रधानमंत्री मोदी के बारे में उनका आकलन देने के लिये कहा गया था। दोनों नेताओं की कुछ दिनों पहले ही नयी दिल्ली में मुलाकात हुई थी।
कनाडा के प्रधानमंत्री 27 फरवरी से दो मार्च तक भारत में थे, इस दौरान भारत और कनाडा ने यूरेनियम तथा महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति के संबंध में महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए और जल्द ही एक व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते को पूरा करने पर सहमति व्यक्त की। कार्नी ने कहा, “इसलिए वित्तीय सुधारों, भुगतान प्रणाली में बदलाव, यूपीआई और अन्य चीजों के पीछे एक बड़ा मकसद यह था कि पैसा बिना किसी हेराफेरी के सीधे व्यक्तियों तक पहुंचे… यानी कह सकते हैं, प्रणाली में वास्तविक समय में, और करोड़ों लोगों को औपचारिक अर्थव्यवस्था में लाया जाए।” उन्होंने कहा कि चुनौतियों के बावजूद मोदी आम लोगों तक कल्याणकारी कार्यक्रम पहुंचाने में सफल रहे हैं।
कार्नी ने कहा, “वह (मोदी) क्रियान्वयन के उस पहलू पर बहुत ध्यान केंद्रित करते हैं। तो यहां वह… वैश्विक स्तर पर काम कर रहे हैं, भारत बहुत प्रगति कर रहा है, मेरा मतलब है चुनौतियां हैं, लेकिन बहुत कुछ सकारात्मक है, लेकिन एक नेता जो इसे बार-बार उसी स्तर पर वापस लाता है।” उन्होंने कहा, “वहां देखने के लिए बहुत कुछ है, बहुत ज्यादा है।”
प्रधानमंत्री कार्नी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले 25 वर्षों में एक भी दिन की छुट्टी नहीं ली है, जब से वे पहली बार 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री बने और फिर 2014 में भारत के प्रधानमंत्री बने। उन्होंने कहा, “खैर, मेरा मतलब है, देखिए… वह अनोखे आदमी हैं। मैं कहूंगा, 25 साल… इन 25 सालों में उन्होंने एक दिन भी छुट्टी नहीं ली है”। कनाडा के प्रधानमंत्री ने वैश्विक मामलों में भारत की “गुटनिरपेक्ष” स्थिति पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “उनका रवैया कुछ ऐसा होगा, तुम्हें यह समझने में इतना समय क्यों लगा? मतलब, हम 1947 में स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद से ही गुटनिरपेक्ष रहे हैं। और इसी संदर्भ में, हमने उन क्षेत्रों पर चर्चा शुरू की जहां हम सहयोग कर सकते थे और यह हमारे, न केवल आर्थिक बल्कि रणनीतिक हितों में भी महत्वपूर्ण था। बिल्कुल सीधा, मतलब एकदम स्पष्ट…।”




