PM Modi West Bengal Visit: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज यानी शनिवार को पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे तथा इस दौरान वह एक सरकारी कार्यक्रम में शामिल होंगे और रैली को संबोधित करेंगे. यह दौरा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और परामर्श देने वाली कंपनी आई-पैक पर हाल में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी को लेकर चल रही राजनीतिक खींचतान के बीच हो रहा है. प्रधानमंत्री का दोपहर में मालदा में रैली को संबोधित करने का कार्यक्रम है.
SIR प्रक्रिया के बीच मोदी का दूसरा दौरा
SIR प्रक्रिया जारी रहने के बीच राज्य में यह मोदी का दूसरा दौरा होगा और 8 जनवरी को आई-पैक के कार्यालयों पर ईडी की छापेमारी के बाद यह उनका पहला दौरा होगा. ईडी की कार्रवाई के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी छापेमारी स्थल पर पहुंच गई थीं और उन्होंने एजेंसी पर BJP के इशारे पर तृणमूल कांग्रेस की चुनावी रणनीति चुराने की कोशिश करने का आरोप लगाया है.
पीएम मोदी का ये रहेगा पूरा कार्यक्रम
भाजपा की राज्य इकाई के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘प्रधानमंत्री शनिवार दोपहर मालदा पहुंचेंगे. वह पहले एक सरकारी कार्यक्रम में शामिल होंगे और फिर पास के मैदान में एक जनसभा को संबोधित करेंगे. इसके बाद वह असम जाएंगे. रविवार को वह पुन: पश्चिम बंगाल आएंगे. इस बार वह हुगली के सिंगूर में जाएंगे जहां वह एक सरकारी कार्यक्रम में शामिल होंगे और उसके बाद जनसभा को संबोधित करेंगे.’ प्रधानमंत्री ने इससे पहले 20 दिसंबर को पश्चिम बंगाल का दौरा किया था।
भारत की पहली स्लीपर ट्रेन वंदे भारत को दिखाएंगे हरीझंडी
पत्र सूचना कार्यालय (PIB) की एक रिलीज के अनुसार, प्रधानमंत्री शनिवार को दोपहर लगभग 12:45 बजे मालदा पहुंचेंगे और मालदा टाउन रेलवे स्टेशन पर हावड़ा और गुवाहाटी के बीच चलने वाली भारत की पहली स्लीपर ट्रेन वंदे भारत (कामाख्या) को हरी झंडी दिखाएंगे.
#WATCH | भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की तस्वीरें, जिसे आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हावड़ा और गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच हरी झंडी दिखाएंगे। pic.twitter.com/Fbnh90LQhn
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 17, 2026
इसमें कहा गया कि आधुनिक भारत की बढ़ती परिवहन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विकसित की गई पूरी तरह से वातानुकूलित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन यात्रियों को किफायती किराए पर हवाई यात्रा जैसा अनुभव प्रदान करेगी. यह लंबी दूरी की यात्राओं को तेज, सुरक्षित और अधिक सुविधाजनक बनाएगी. हावड़ा-गुवाहाटी (कामाख्या) मार्ग पर यात्रा के समय को लगभग 2.5 घंटे तक कम करके यह ट्रेन धार्मिक यात्रा और पर्यटन को भी काफी बढ़ावा देगी.
3,250 करोड़ की विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात
इसके बाद, दोपहर लगभग 1:45 बजे प्रधानमंत्री मालदा में एक सार्वजनिक समारोह में 3,250 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई रेल एवं सड़क अवसंरचना परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे.
4 रेलवे परियोजनाओं की रखेंगे आधारशिला
प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल में 4 प्रमुख रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे जिनमें बलुरघाट और हिली के बीच नयी रेल लाइन, न्यू जलपाईगुड़ी में अगली पीढ़ी की माल ढुलाई रखरखाव सुविधाएं, सिलीगुड़ी लोको शेड का उन्नयन और जलपाईगुड़ी जिले में वंदे भारत ट्रेन रखरखाव सुविधाओं का आधुनिकीकरण शामिल है. इन परियोजनाओं से यात्री और माल ढुलाई परिचालन मजबूत होगा, उत्तरी बंगाल में रसद दक्षता में सुधार होगा और क्षेत्र में रोजगार के अवसरों का सृजन होगा.
4 नई अमृत भारत एक्सप्रेस को भी करेंगे रवाना
प्रधानमंत्री न्यू कूचबिहार-बमनहाट और न्यू कूचबिहार-बॉक्सिरहाट के बीच रेल लाइनों के विद्युतीकरण को राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिससे तेज, स्वच्छ एवं अधिक ऊर्जा-कुशल ट्रेन संचालन संभव हो सकेगा. प्रधानमंत्री डिजिटल माध्यम से 4 नयी अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों-नयी जलपाईगुड़ी-नागरकोइल अमृत भारत एक्सप्रेस; नयी जलपाईगुड़ी-तिरुचिरापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस; अलीपुरद्वार-एसएमवीटी बेंगलुरु अमृत भारत एक्सप्रेस; अलीपुरद्वार-मुंबई (पनवेल) अमृत भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे. इससे किफायती और विश्वसनीय लंबी दूरी की रेल संपर्क सुविधा में सुधार होगा.
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राजमार्ग-31डी के धूपगुड़ी-फलाकाटा खंड के पुनर्निर्माण और 4 लेन के निर्माण के लिए आधारशिला रखेंगे. इसके अलावा पीएम 18 जनवरी को हुगली जिले के सिंगूर में 830 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, उनकी आधारशिला रखने और उन्हें हरी झंडी दिखाने का कार्य करेंगे. बाद में वह एक जनसभा को संबोधित करेंगे. बता दें कि पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव अगले कुछ महीनों में होने वाले हैं.
ये भी पढ़ें: बाज नहीं आ रहे डोनाल्ड ट्रंप, फिर बोले- ‘मैंने भारत-पाकिस्तान सैन्य टकराव रुकवाया, 1 करोड़ लोगों की जान बची’




