PM Modi Israel Visit: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भारत और इजरायल के बीच रणनीतिक संबंधों को सुदृढ़ करने में उनके असाधारण योगदान के लिए बुधवार को ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ से सम्मानित किया गया. भारतीय प्रधानमंत्री यह पदक पाने वाले पहले नेता हैं. यह इजरायली संसद ‘नेसेट’ का सर्वोच्च सम्मान है. नेसेट स्पीकर अमीर ओहाना ने इजरायली संसद में प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन के बाद उन्हें यह पदक प्रदान किया. यह पदक भारत और इजरायल के बीच रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री के असाधारण योगदान के वास्ते प्रदान किया गया है.
भारत और इज़रायल की चिरस्थायी मित्रता का सम्मान: मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह पुरस्कार ‘किसी एक व्यक्ति का सम्मान नहीं है, बल्कि भारत और इज़रायल की चिरस्थायी मित्रता को दिया गया सम्मान है. मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘मैं नेसेट पदक प्राप्त करके बेहद सम्मानित महसूस कर रहा हूं. मैं इसे विनम्रता और कृतज्ञता के साथ स्वीकार करता हूं. यह किसी एक व्यक्ति का सम्मान नहीं है, बल्कि भारत और इज़रायल की चिरस्थायी मित्रता का सम्मान है. यह उन साझा मूल्यों को दर्शाता है, जो हमारे दोनों राष्ट्रों का मार्गदर्शन करते हैं.’
I am deeply honoured to receive the Medal of the Knesset.
— Narendra Modi (@narendramodi) February 25, 2026
I accept it with humility and gratitude.
This honour is not a tribute to an individual, but to the enduring friendship between India and Israel.
It reflects the shared values that guide our two nations.@KnessetENG https://t.co/OGtBMTsLuC pic.twitter.com/6H6Dt9sP6v
इजरायल और फिलिस्तीन से सर्वोच्च सम्मान
प्रधानमंत्री मोदी उन विरले वैश्विक नेताओं में शामिल हैं, जिन्हें इजरायल और फिलिस्तीन दोनों से सर्वोच्च सम्मान प्राप्त हुए हैं. प्रधानमंत्री मोदी को 2018 में ‘ग्रैंड कॉलर ऑफ द स्टेट ऑफ फिलिस्तीन’ से सम्मानित किया गया था, जो विदेशी नेताओं के लिए फिलिस्तीन का सर्वोच्च सम्मान है.
यह सम्मान प्रधानमंत्री मोदी को विभिन्न देशों द्वारा प्रदान किए गए 28 से अधिक सर्वोच्च नागरिक सम्मानों की विशिष्ट सूची में नवीनतम है. जिनमें हाल ही उन्हें मिले ‘ऑर्डर ऑफ ओमान’ और इथियोपिया के ‘ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया’ तथा कुवैत के ‘ऑर्डर ऑफ मुबारक अल कबीर’ शामिल है.
बता दें कि यह प्रधानमंत्री मोदी की 9 वर्षों में इज़राइल की दूसरी यात्रा है. जुलाई 2017 में उनकी पहली यात्रा के दौरान भारत-इज़राइल संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किया गया था.




