US Iran War: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि ईरान पर सैन्य कार्रवाई का सुझाव सबसे पहले रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने दिया था. ट्रंप ने टेनेसी में आयोजित ‘मेम्फिस सेफ टास्क फोर्स’ की गोलमेज बैठक में बताया कि किसी भी फैसले से पहले उन्होंने रक्षा मंत्री हेगसेथ और जनरल डैन केन (ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन) समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत की थी.
ट्रंप ने कहा- ‘मैंने पीट को फोन किया, जनरल केन को फोन किया और अपने कई अधिकारियों से चर्चा की. पश्चिम एशिया में हमारे सामने एक बड़ा मुद्दा है ईरान, जो वर्षों से आतंकवाद को बढ़ावा देता रहा है और परमाणु हथियार के करीब है.’ ट्रंप के अनुसार, इसी चर्चा के दौरान रक्षा मंत्री हेगसेथ ने सबसे पहले सैन्य कार्रवाई का समर्थन किया. पीट ने कहा कि हमें कदम उठाना चाहिए, क्योंकि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने नहीं दिया जा सकता.’
ईरान ने ट्रंप से बातचीत के दावों को किया खारिज
इससे पहले ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा था कि उन्होंने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए दी गई समयसीमा बढ़ा दी है और ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर संभावित हमले को फिलहाल 5 दिनों के लिए टाल दिया है. ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच सार्थक बातचीत हुई है, जिससे तनाव का समाधान निकल सकता है. हालांकि, ईरान ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है. ईरान ने इसे “फर्जी खबर” बताते हुए आरोप लगाया कि ऐसे दावे वैश्विक तेल और वित्तीय बाजारों को प्रभावित करने के लिए किए जा रहे हैं.
जंग खत्म करने के लिए ईरान ने रखी शर्तें
ईरानी सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई के सैन्य सलाहकार मोहसिन रेजाई ने साफ किया है कि जंग तब तक जारी रहेगी, जब तक ईरान को हुए नुकसान की भरपाई नहीं हो जाती और उस पर लगाए गए प्रतिबंध हटाए नहीं जाते. उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह गारंटी चाहता है कि अमेरिका भविष्य में इस्लामिक गणराज्य के आंतरिक मामलों में दखलंदाजी नहीं करेगा. यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध को समाप्त करने की दिशा में कदम उठाने की बात कही थी.
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