Ghaziabad Sleeper Cell: पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में पकड़े गए संदिग्धों की जांच में बड़े खुलासे हुए हैं. एजेंसियों ने गाजियाबाद में एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा किया है, जो खाटू श्याम मंदिर समेत कई धार्मिक स्थलों की लोकेशन, फोटो और वीडियो पाकिस्तान भेज रहा था. जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क केवल धार्मिक स्थलों तक सीमित नहीं था, बल्कि देश के संवेदनशील सैन्य ठिकानों और सैनिक गतिविधियों की जानकारी भी जुटा रहा था. 14 मार्च को इस जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए गाजियाबाद के कौशांबी क्षेत्र से पकड़ा गया.
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान में बैठे हैंडलर के निर्देश पर यह नेटवर्क दिल्ली कैंट, सोनीपत और अंबाला जैसे सैन्य क्षेत्रों की निगरानी करने की योजना बना रहा था. इसके लिए सोलर से चलने वाले CCTV कैमरे लगाने की साजिश रची गई थी, ताकि गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सके. पुलिस ने जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ कर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पूछताछ में सामने आया है कि नेटवर्क का विस्तार करने और ज्यादा लोगों को जोड़ने का टारगेट दिया गया था।
CCTV कैमरों से निगरानी की साजिश
जांच में खुलासा हुआ कि फरवरी में दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन के बाहर सोलर CCTV कैमरा लगाया गया था। पूरे देश में करीब 50 लोकेशन चिन्हित की गई थीं, जहां ऐसे कैमरे लगाने की योजना थी. इनमें धार्मिक स्थल और सैन्य ठिकाने दोनों शामिल थे.
खाटू श्याम मंदिर की फोटो क्यों भेजी गई?
जांच एजेंसियों को आरोपियों के मोबाइल फोन से खाटू श्याम मंदिर समेत कई धार्मिक स्थलों की तस्वीरें और वीडियो मिले हैं. जांच में पता चला कि ये सभी डेटा पाकिस्तान भेजा जा रहा था. आरोपियों को वहां से ऑनलाइन ट्रेनिंग, पैसे और निर्देश भी मिल रहे थे. प्रवीण और रितिक को CCTV लगाने और डेटा ट्रांसफर करने की ट्रेनिंग दी गई थी. सोनीपत रेलवे स्टेशन पर लगाया गया एक सोलर कैमरा पुलिस ने बरामद किया है, जिसके बदले आरोपी को 16 हजार रुपये दिए गए थे.
महिला जासूस चला रही थी नेटवर्क
जांच में यह भी सामने आया कि संभल की रहने वाली महिला साने इरम उर्फ महक इस नेटवर्क का अहम हिस्सा थी और सीधे पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में थी. वह अन्य आरोपियों को निर्देश देने और नेटवर्क को विस्तार देने का काम कर रही थी. अन्य आरोपियों में सुहेल मलिक उर्फ रोमियो, प्रवीण, राज वाल्मीकि, शिवा वाल्मीकि और रितिक गंगवार शामिल हैं, जिनके अलग-अलग काम तय थे किसी का काम पैसे देना, तो किसी का CCTV लगाना और डेटा भेजना था.
गैंगस्टर शहजाद भट्टी को भेजी जा रही थी तस्वीरें
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि कुछ तस्वीरें पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर शहजाद भट्टी को भेजी जा रही थीं. हालांकि गाजियाबाद और हापुड़ के मामले अलग-अलग बताए जा रहे हैं, लेकिन दोनों में पाकिस्तान कनेक्शन सामने आने के बाद एजेंसियां सतर्क हो गई हैं.
कई एजेंसियां कर रहीं जांच
इस पूरे मामले की जांच NIA,IB, गाजियाबाद क्राइम ब्रांच, यूपी एटीएस और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा संयुक्त रूप से की जा रही है. यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बेहद गंभीर है और जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हुई हैं.
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