No Kings Protest: अमेरिका और यूरोप के इलाकों में ‘नो किंग्स’ रैलियों में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लेकर ईरान युद्ध और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कार्रवाइयों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. इस विरोध प्रदर्शन में करीब 80 लाख लोग शामिल हुए. रिपोर्ट्स के अनुसार, पूरे अमेरिका में 3300 से ज्यादा स्थानों पर यह विरोध प्रदर्शन आयोजित हुए.
ट्रंप की इमिग्रेशन पॉलिसी की विरोध
अमेरिका का मिनेसोटा प्रांत इस आंदोलन का मुख्य केंद्र बनकर उभरा, जहां हजारों लोगों ने एकजुटता दिखाते हुए ट्रंप की सख्त इमिग्रेशन पॉलिसी के खिलाफ आवाज उठाई. सेंट पॉल में कैपिटल लॉन में आयोजित मुख्य रैली में प्रसिद्ध गायक ब्रूस स्प्रिंगस्टीन भी शामिल हुए. ब्रूस और अन्य वक्ताओं ने भीषण सर्दी के बावजूद सड़कों पर उतरकर अमेरिकी इमिग्रेश एजेंसी की कार्रवाई का विरोध करने के लिए प्रांत के लोगों की सराहना की. उन्होंने कहा, ‘आपकी ताकत और प्रतिबद्धता ने हमें यह एहसास कराया कि यह अब भी वही देश है. और यह रूढ़ीवादी भयावह दौर तथा अमेरिकी शहरों में इस तरह की कार्रवाई अधिक समय तक नहीं चलेगी.’
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बैनर पोस्टर दिखाकर पद के हटाने की मांग की
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे ट्रंप प्रशासन की कई नीतियों से असंतुष्ट हैं. उनका विरोध खासतौर पर ईरान के साथ बढ़ता तनाव, सख्त इमिग्रेशन नीतियां, बढ़ती महंगाई को लेकर है. प्रदर्शन के दौरान लोगों ने राष्ट्रपति ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के खिलाफ पोस्टर और बैनर दिखाकर पद से हटाने की मांग भी की.
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