Israel Iran War : दुबई। संयुक्त राष्ट्र की परमाणु एजेंसी में ईरान के राजदूत रेजा नजफी ने सोमवार को आरोप लगाया कि अमेरिका-इजराइल के हवाई हमलों में ईरान के नतांज परमाणु संवर्धन स्थल को निशाना बनाया गया है। इजराइल और अमेरिका ने उस स्थान पर हमलों की बात नहीं कबूली है, जिस पर जून में ईरान और इजराइल के बीच 12 दिन के संघर्ष में अमेरिका ने बमबारी की थी।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) में ईरान के राजदूत रेजा नजफी ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल के “गैर-कानूनी, आपराधिक और क्रूर” हमलों की निंदा की। उन्होंने कहा, कल उन्होंने फिर से ईरान के शांतिपूर्ण तरीके से सुरक्षित परमाणु केंद्रों पर हमला किया। नजफी ने कहा, उनका यह कहना कि ईरान परमाणु हथियार बनाना चाहता है, बस एक कोरा झूठ है। जब नफजी से पूछा गया कि वह किस स्थान की बात कर रहे थे, तो उन्होंने जवाब दिया: “नतांज।”
ईरान में 205 की मौत, 740 घायल
अल-जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका और इजराइल ने मिलकर अब तक ईरान के 1,000 से अधिक ठिकानों पर भीषण हमले किए हैं। शुरुआती 30 घंटों में ही 2,000 से ज्यादा बम गिराए गए, जिससे भारी तबाही हुई। इन हमलों में अब तक 205 से ज्यादा लोगों की मौत और 740 से अधिक के घायल होने की खबर है। सबसे दर्दनाक घटना एक स्कूल पर मिसाइल गिरने की रही, जहां 180 छात्राओं की मौत हो गई, जबकि 45 गंभीर रूप से घायल बताई जा रही हैं। 28 फरवरी को शुरू हुए इस युद्ध के पहले ही दिन की बमबारी में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने की खबर सामने आई थी। वहीं रविवार को हमलों के दौरान तीन अमेरिकी सैनिकों की भी मौत हो गई, जिससे संघर्ष और ज्यादा गंभीर हो गया है।




