All Party Meeting: पश्चिम एशिया में जारी तनाव को लेकर केंद्र सरकार ने बुधवार को सर्वदलीय बैठक बुलाने का फैसला किया है. सूत्रों के अनुसार यह बैठक शाम 5 बजे आयोजित होगी, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता शामिल होकर मौजूदा स्थिति और उसके भारत पर प्रभाव पर चर्चा करेंगे.पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और उसके आर्थिक व रणनीतिक असर को लेकर सरकार से जवाब मांग रहे थे.
पीएम मोदी ने इस संकट को बताया दीर्घकालिक
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा में कहा था कि पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष एक अप्रत्याशित और दीर्घकालिक संकट है, जिसका असर लंबे समय तक देखने को मिल सकता है. उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार इस चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है.
‘कोरोना काल की तरह ही संकट का करना होगा सामना’
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि देश को इस संकट का सामना उसी तरह करना होगा, जैसे कोरोना काल के दौरान किया गया था. उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट और व्यावसायिक जहाजों पर हमलों को गंभीर बताते हुए इसे अस्वीकार्य करार दिया.
‘संकट का समाधान केवल कूटनीति और संवाद के जरिए ही संभव’
मोदी ने जोर देकर कहा कि इस संकट का समाधान केवल कूटनीति और संवाद के जरिए ही संभव है. भारत क्षेत्र में तनाव कम करने और संघर्ष को समाप्त करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है. माना जा रहा है कि सर्वदलीय बैठक में ऊर्जा आपूर्ति, व्यापार, सुरक्षा और भारतीय नागरिकों पर पड़ने वाले प्रभाव जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी.
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