Maharashtra Civic Polls: मुंबई। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) चुनावों के लिए बृहस्पतिवार को मतदान शुरू होते ही सोशल मीडिया पर आम मतदाताओं, नेताओं और मीडियाकर्मियों के ऐसे कई वीडियो सामने आये जिनमें वे मतदान के बाद अपनी उंगलियों पर लगी ‘पक्की’ स्याही को एसीटोन से मिटाते हुए दिखाई दे रहे हैं। बीएमसी ने हालांकि उन रिपोर्टों को खारिज कर दिया जिनमें दावा किया गया था कि चुनावों के दौरान मतदाताओं की उंगलियों पर जो स्याही लगाई गई थी वह आसानी से मिट रही है।
जानिए क्या वायरल वीडियो की सच्चाई
कांग्रेस की मुंबई इकाई की नेता एवं लोकसभा सदस्य वर्षा गायकवाड़ ने अपने पार्टी सहयोगी का एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें वह अपनी उंगली में लगी स्याही मिटाने के लिए एसीटोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘क्या बीएमसी जवाबदेही से पल्ला झाड़ रही है? सुबह से हमें कई शिकायतें मिल रही हैं कि मताधिकार का निशान दिखाने के लिए इस्तेमाल की जा रही स्याही आसानी से मिटाई जा सकती है। मेरे सहयोगी और उनकी पत्नी यहां दिखा रहे हैं कि इस स्याही को एसीटोन या नेल पॉलिश रिमूवर से कितनी आसानी से मिटाया जा सकता है।’’
मुंबई महानगरपालिका चुनाव में वोटरों की उंगली पर लगी 'अमिट' स्याही का नेल पॉलिश रिमूवर से मिट जाना बेहद गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण है!
— Uday Bhanu Chib (@UdayBhanuIYC) January 15, 2026
राज्य चुनाव आयोग का यह कुप्रबंधन लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ है। आखिर इस स्याही की टेस्टिंग किसने की थी? क्या जानबूझकर चुनाव की शुचिता से समझौता किया… pic.twitter.com/otQdaJ6qPS
बीएमसी चुनाव के प्रबंधन ने जवाबदेही और पारदर्शिता पर कई सवाल खड़े किए
गायकवाड़ ने ‘एक्स’ पर लिखा, इस बार बीएमसी चुनाव के प्रबंधन ने जवाबदेही और पारदर्शिता पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मतदाताओं को आखिरी समय में दी गई रिश्वतों को अनदेखा किया गया, मतदाताओं के नाम गायब हैं, लोगों को राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट में अपना नाम ढूंढने में मुश्किल हो रही है और स्याही को आसानी से मिटाया जा रहा है। हमारी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनता का विश्वास हर कीमत पर सुरक्षित रखा जाना चाहिए, लेकिन निर्वाचन आयोग और बीएमसी को इसकी कोई परवाह नहीं। शर्मनाक!
एक टीवी चैनल के पत्रकार ने पनवेल से लौटने के तुरंत बाद अपने स्टूडियो में एसीटोन का उपयोग करके स्याही मिटाने का एक वीडियो पोस्ट किया। उन्होंने पनवेल में अपना वोट डाला था। स्याही आसानी से मिटने के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए, बीएमसी ने एक बयान में कहा कि ऐसी खबरें तथ्यात्मक रूप से गलत हैं। बयान में कहा गया कि प्रक्रिया के अनुसार, मतदान केंद्र पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पर वोट डालते समय मतदान कर्मचारी मतदाता के बाएं हाथ की एक उंगली पर पक्की स्याही लगाते हैं।
राज ठाकरे का फूटा गुस्सा
राज ठाकरे ने दावा किया कि चुनाव आयोग भाजपा नीत गठबंधन को जिताने के लिए काम कर रही है। उन्होंने मनसे कार्यकर्ताओं को मतदान के दौरान सतर्क रहने का निर्देश दिया। राज ठाकरे ने दादर इलाके में मां कुंडा ठाकरे सहित अपने परिवार के सदस्यों के साथ अपना वोट डाला। मतदान के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने निकाय चुनावों में ‘प्रिंटिंग ऑक्सिलरी डिस्प्ले यूनिट’ (पीएडीयू) के इस्तेमाल को लेकर राज्य चुनाव आयोग पर निशाना साधा। साथ ही सत्ताधारी दलों को कथित तौर पर पैसे बांटने का समय देने के लिए साइलेंस पीरियड में प्रचार करने की अनुमति देने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने दावा किया कि वोट डालने के बाद उंगली पर लगी स्याही को सैनिटाइजर से आसानी से मिटाया जा सकता है। पहले इस्तेमाल की जाने वाली स्याही की जगह अब एक नया मार्कर पेन इस्तेमाल किया जा रहा है, और इस नए पेन को लेकर शिकायतें आ रही हैं। पूरी सरकारी मशीनरी उन्हें चुनाव जिताने में लगी हुई है। यह एक स्वस्थ लोकतंत्र की निशानी नहीं है। सत्ता के दुरुपयोग की भी एक सीमा होती है।




