Madan Dilawar Vs Govind Dotasara: शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने गोविंद डोटासरा पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा है कि डोटासरा पंचायत चुनाव की चिंता नहीं करें. वे भर्ती घोटाले में जेल जाने की तैयारी करें. दिलावर ने यह भी कहा कि उनके जो गुर्गे हैं उन्हें SOG ने पकड़ लिया है, अब उनकी बारी है.’ शिक्षा मंत्री का यह बयान पीसीसी चीफ गोविंद डोटासरा के उस बयान के बाद आया है जिसमें में उन्होंने बीजेपी सरकार पर आरोप लगाया था कि वो पंचायतीराज चुनाव में जीत के लिए अलग-अलग वार्ड बना रही है, इसीलिए परिसीमन कर रही है.
दिलावर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन के दौरान ग्राम पंचायत और जिला परिषद क्षेत्रों के परिसीमन में भारी गड़बड़ियां की गईं. उन्होंने कहा कि जहां कांग्रेस को अधिक वोट मिलने की संभावना थी, वहां जानबूझकर छोटे वार्ड बनाए गए ताकि पार्टी जीत हासिल कर सके, जबकि जहां बीजेपी को ज्यादा समर्थन मिल सकता था, वहां बड़े-बड़े वार्ड बनाए गए।
‘डोटासरा द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा उनकी हताशा को दर्शाता है’
इससे पहले बीजेपी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि परिसीमन प्रक्रिया बिना किसी राजनीतिक दखल के निर्वाचन आयोग द्वारा की जाती है. उन्होंने डोटासरा पर पलटवार करते हुए कहा कि वह बोलते पहले हैं और सोचते बाद में, इसी कारण उनके बयान स्तरहीन और असंसदीय होते जा रहे हैं. डोटासरा द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा उनकी हताशा को दर्शाता है. उन्होंने पंचायत, पंचायत समिति एवं जिला परिषद परिसीमन को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर कहा कि परिसीमन कभी भी राजनीतिक आधार पर नहीं होता. परिसीमन पूरी तरह निर्वाचन आयोग द्वारा कराया जाता है, इसमें किसी भी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होता.
डोटासरा ने बयान में कही थी ये बात
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा था कि चुनाव न कराने के कारण केंद्र सरकार ने पंचायती राज के 3000 करोड़ रुपये रोक दिए, अब आनन-फानन में सारा खेल खेला जा रहा है। एक तरफ SIR के जरिए हजारों नाम काटने की साजिश है, दूसरी तरफ पंचायत समिति और जिला परिषद के वार्डों का अंतिम प्रकाशन जानबूझकर रोका गया है, जबकि तय तारीख निकल चुकी है। बिना किसी लिखित आदेश के जिला कलेक्टरों को मौखिक निर्देश देकर पूरी व्यवस्था को पंगु बना दिया गया है।
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