Parliament Session: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शुक्रवार को सदन की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित करते हुए कहा कि इस सत्र के दौरान वक्फ (संशोधन) विधेयक सहित कुल 16 विधेयक पारित किए गए. उन्होंने विपक्षी सदस्यों के शोरगुल और नारेबाजी के बीच कहा, ”(बजट) सत्र में 26 बैठकें हुईं तथा कुल उत्पादकता 118 प्रतिशत से अधिक रही. राष्ट्रपति (द्रौपदी मुर्मू) के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में 173 सदस्यों ने भागीदारी की.” बिरला ने कहा कि सदन में केंद्रीय बजट पर चर्चा में 169 सदस्यों ने भाग लिया.
हम 18वीं लोकसभा के चौथे सत्र की समाप्ति की ओर बढ़ रहे हैं। यह सत्र 31 जनवरी, 2025 को आयोजित किया गया था। इस दौरान कुल 26 बैठकें हुईं और संसदीय उत्पादकता 118% से अधिक रही : लोकसभा स्पीकर @ombirlakota
— SansadTV (@sansad_tv) April 4, 2025
लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई है।@LokSabhaSectt pic.twitter.com/5R0UHiJtMe
वहीं सत्र के दौरान 10 सरकारी विधेयक पुर:स्थापित किये गए और वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 सहित 16 विधेयक पारित किये गए. उन्होंने कहा कि सत्र में 3 अप्रैल तक शून्य काल के दौरान 202 सदस्यों ने लोक महत्व के विषय उठाये, जो सदन में एक रिकार्ड है.
मैं आपको याद दिलाना चाहूंगा कि सबसे पहले वक़्फ़ बिल में पुराना रिकॉर्ड 1981 में 16 घंटे 51 मिनट आजमा अधिनियम पर रिकॉर्ड चर्चा की गई थी | और राज्य सभा में कल 17 घंटे 2 मिनट तक चर्चा की गई। जो एक एक रिकॉर्ड बन गया : संसदीय कार्य मंत्री @KirenRijiju #WaqfAmendmentBill #WaqfBoard pic.twitter.com/kVv8k00cGx
— SansadTV (@sansad_tv) April 4, 2025
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शुक्रवार को कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी का नाम लिए बिना कहा कि वक्फ (संशोधन) विधेयक पर उनकी टिप्पणी दुर्भाग्यपूर्ण और संसदीय मर्यादा के अनुरूप नहीं है. राज्यसभा सदस्य सोनिया गांधी ने आरोप लगाया था कि वक्फ (संशोधन) विधेयक,2025 को जबरन पारित कराया गया और यह विधेयक संविधान पर सरेआम हमला है.
बजट सत्र के आखिरी दिन संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू द्वारा सोनिया की टिप्पणी का उल्लेख किए जाने के बाद बिरला ने यह भी कहा कि एक वरिष्ठ सदस्य द्वारा लोकसभा की कार्यवाही पर प्रश्न उठाना उचित नहीं है. कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की प्रमुख सोनिया गांधी ने गुरुवार को सरकार पर वक्फ (संशोधन) विधेयक को मनमाने ढंग से पारित कराने का आरोप लगाते हुए दावा किया था कि यह विधेयक संविधान पर सरेआम हमला है तथा यह समाज को स्थायी ध्रुवीकरण की स्थिति में बनाए रखने की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है.
उन्होंने संसद भवन परिसर में संपन्न सीपीपी की बैठक में ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ संबंधी विधेयक, निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली, भारत के पड़ोसी देशों में राजनीतिक स्थिति, संसद में गतिरोध, विपक्ष के नेताओं को ‘‘बोलने की अनुमति नहीं दिए जाने’’ और कई अन्य विषयों को लेकर सरकार तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर तीखा हमला किया था.
रीजीजू ने लोकसभा में कहा, ”एस्मा अधिनियम, 1981 पर 16 घंटे 51 मिनट चर्चा हुई थी. यह रिकॉर्ड तोड़ते हुए राज्यसभा में गुरुवार को वक्फ (संशोधन) विधेयक पर 17 घंटे दो मिनट चर्चा हुई. यह ऐतिहासिक है. इस तरह सबसे लंबी चर्चा हुई.” उन्होंने सोनिया गांधी का नाम लिए बिना कहा,”कई सांसदों ने मुझे बताया कि दूसरे सदन की एक सदस्य ने यह आरोप लगाया कि चर्चा के बिना ‘बुलडोज’ करके विधेयक पारित किया गया. नियम और प्रक्रिया को पालन करके विधेयक पारित किया गया.
इसकी तारीफ करने के बजाय यह कहा गया कि ‘बुलडोज’ करके विधेयक पारित किया गया. रीजीजू ने लोकसभा अध्यक्ष से इस पर एक व्यवस्था देने का आग्रह किया. बिरला ने कहा, ”संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि कांग्रेस की एक वरिष्ठ सदस्य हैं, जो इस सदन की सदस्य रह चुकी हैं और अब दूसरे सदन की सदस्य हैं, उनके द्वारा संसद परिसर में यह बयान दिया गया है कि वक्फ (संशोधन) विधेयक जबरदस्ती पारित कराया गया. वक्फ संशोधन विधेयक पर सदन द्वारा 13 घंटे और 53 मिनट चर्चा की गई. जिसमें सभी सदस्यों ने अपने विचार रखे.
इस विधेयक पर 3 बार मत विभाजन हुआ. उन्होंने कहा कि अत: यह विधेयक सदन के नियमों के अनुसार पारित किया गया. बिरला ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि सदन की कार्यवाही पर एक वरिष्ठ सदस्य द्वारा प्रश्न उठा गया. उन्होंने यह भी कहा कि यह उचित नहीं है और संसदीय मर्यादा के अनुरूप भी नहीं है. कांग्रेस के सदस्यों ने भी अपनी बात रखने का आग्रह करते हुए सदन में हंगामा किया. इसके कुछ मिनट बाद ही बिरला ने सदन की बैठक अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी.
इस खबर को भी पढ़ें: Manoj Kumar Demise: हरिकृष्ण गोस्वामी कैसे बन गया मनोज कुमार, जानें नाम के पीछे की दिलचस्प कहानी