LPG Crisis: केंद्र सरकार ने देश में रसोई गैस सप्लाई में आ रही दिक्कतों को देखते हुए एक अहम फैसला लिया है। सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत केरोसिन का अस्थायी आवंटन किया है. इसके साथ ही सरकारी तेल कंपनियां चुने गए पेट्रोल पंपों पर केरोसिन रख और बांट सकेंगी. सरकार के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य उन परिवारों को राहत देना है, जो हाल के समय में LPG की कमी या आपूर्ति में बाधा के कारण परेशान हैं.
पेट्रोल पंप पर मिलेगा केरोसिन
एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, केरोसिन का उपयोग खाना पकाने और रोशनी दोनों के लिए किया जाएगा. खास बात यह है कि यह आवंटन उन 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी किया जाएगा, जिन्हें पहले ‘पीडीएस एसकेओ (केरोसिन-मुक्त)’ घोषित किया जा चुका था. यानी जिन क्षेत्रों में पहले केरोसिन वितरण बंद कर दिया गया था, वहां भी अब अस्थायी तौर पर इसकी आपूर्ति बहाल की जाएगी. इसके अलावा सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां जैसे इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के चुनिंदा पेट्रोल पंपों से केरोसिन की बिक्री भी की जा सकेगी.
वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध होने से लोगों को राहत मिलेगी
सरकार का मानना है कि इस कदम से LPG पर निर्भरता कुछ हद तक कम होगी और वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध होने से लोगों को राहत मिलेगी. हालांकि, यह व्यवस्था पूरी तरह अस्थायी है और 60 दिनों के बाद स्थिति की समीक्षा की जाएगी. सरकार इस दौरान एलपीजी आपूर्ति को सामान्य करने और वितरण व्यवस्था को मजबूत करने पर भी ध्यान दे रही है.
कोल इंडिया को कोयला आवंटन बढ़ाने के निर्देश
सरकार ने केवल केरोसिन ही नहीं, बल्कि कोयला और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के उपयोग को भी बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं. कोयला मंत्रालय ने कोल इंडिया को राज्यों के लिए कोयले का आवंटन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं. साथ ही राज्यों से कहा गया है कि वे घरेलू और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए नए पीएनजी कनेक्शन देने की प्रक्रिया को तेजी लाएं, ताकि वैकल्पिक ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके.
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