Iran US War: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने अमेरिका के भीतर भी चिंता बढ़ा दी है. ट्रंप द्वारा हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान को दी गई धमकी और अपशब्दों के इस्तेमाल पर कई अमेरिकी नेताओं ने आपत्ति जताई है. वहीं ईरान ने भी इस बयान का पलवार किया है. ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बगेर गालिबफ ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के ऐसे लापरवाह कदम पूरे क्षेत्र को आग में झोंक सकते हैं. उन्होंने संकेत दिया कि इस तरह की बयानबाजी से हालात और बिगड़ सकते हैं.
ट्रंप सोशल प्लेटफॉर्म पर कही थी ये बात
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए ईरान को चेतावनी दी कि वह स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को खोल दे, अन्यथा गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. उन्होंने ईरान के ऊर्जा ढांचे और पुलों पर हमले की बात भी कही. ट्रंप ने कहा ईरान में मंगलवार को पावर प्लांट और ब्रिज डे होगा. हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोलो, नहीं तो नर्क में जीओगे. अपने पोस्ट में इस्तेमाल की गई भाषा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है, क्योंकि उसमें ऐसे शब्दों का प्रयोग किया गया जिन्हें किसी देश के राष्ट्राध्यक्ष के स्तर के अनुरूप नहीं माना जा रहा.

अमेरिकी नेताओं ही उठाए सवाल
अमेरिका के कई राजनीतिक नेताओं और विश्लेषकों ने इस बयान को गैर-जिम्मेदाराना और भड़काऊ बताया है. उनका मानना है कि इस तरह की भाषा और धमकी भरे बयान पहले से ही संवेदनशील हालात को और बिगाड़ सकते हैं. डेमोक्रेटिक पार्टी के वरिष्ठ नेता चक शूमर ने ईरान को लेकर ट्रंप के ताजा बयान को एक असंतुलित व्यक्ति की बकवास बताया. उन्होंने ट्रंप के बयान को युद्ध अपराध की धमकी देने जैसा बताया.
‘राष्ट्रपति पागलपन की स्थिति में’
ट्रंप की पूर्व सहयोगी मार्जरी टेलर ग्रीन ने भी उनके बयान की जमकर आलोचना करते हुए कहा है कि राष्ट्रपति पागलपन की स्थिति में हैं.उन्होंने अमेरिकी प्रशासन के लोगों से दखल देने की अपील की. उन्होंने कहा युद्ध बिना उकसावे के शुरू किया गया और इससे निर्दोष लोगों की जान जा रही है.
‘मुआवजा मिलने पर ही खुलेगा हॉर्मुज’
ईरान के राष्ट्रपति कार्यालय में संचार मामलों के उप प्रमुख मेहदी तबातबाई ने स्पष्ट कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य को तभी खोला जाएगा, जब ईरान को युद्ध में हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाएगा. यह बयान ईरान के सख्त रुख को दर्शाता है. तबातबाई ने ट्रंप की टिप्पणी को “हताशा और गुस्से में दिया गया अशोभनीय बयान” करार दिया. उनका कहना था कि इस तरह की भाषा और धमकी से समाधान नहीं, बल्कि तनाव और बढ़ेगा
‘इस तरह की आक्रमकता से बढ़ेगा तनाव’
हॉर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है. ऐसे में इसे लेकर दी गई किसी भी तरह की धमकी का असर केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर पड़ सकता है. वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आक्रामक बयानों से कूटनीतिक प्रयासों को झटका लग सकता है और तनाव कम करने की बजाय बढ़ सकता है.



