Iran US War: ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच जारी जंग अब इस मोड़ पर पहुंच चुकी है कि कूटनीति और बातचीत की गुंजाइश खत्म होती नजर आ रही है. ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची का ताजा बयान इसी ओर इशारा कर रहा है. उन्होंने सोशल प्लेटफॉर्म एक्स एक वीडियो शेयर कर कहा है कि अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत अब हमेशा के लिए खत्म हो चुकी है. इसके साथ ही अराघची ने अमेरिका पर विश्वासघात करने का भी आरोप लगाया है.
🚨عاجـــــــــــــــل
— Iran's latest (@Red_Bat_) March 23, 2026
أراغشي يغلق الباب نهائياً:
"انتهت المفاوضات مع الأمريكيين إلى الأبد… تجربة مريرة وخيانة بعد وعود بعدم شن هجوم!"
وزير الخارجية الإيراني عباس عراقجي 🇮🇷 :
لم يعد هناك مجال للحوار مع الأمريكيين. لقد خدعونا بوعود عدم الهجوم، وحتى بعد إحراز تقدم ملحوظ في… pic.twitter.com/XwdA8En67f
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बयान में कहा है कि अमेरिका ने सैन्य हमला नहीं करने की बात कही लेकिन हमला किया. उन्होंने कहा,’यह एक कड़वा अनुभव है’ अब बातचीत के लिए कोई जगह नहीं. क्षेत्रीय युद्ध ने कूटनीति के दरवाजे हमेशा के लिए बंद कर दिए.
होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद करने की धमकी
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध अब चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है. ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हार्मुज पर कड़ा रुख अपनाते हुए उसे पूरी तरह से बंद करने की धमकी दी है. ईरान ने कहा है कि अगर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बिजली संयंत्रों पर हमले की धमकी पर अमल करता है, तो तेल और अन्य निर्यात के लिए महत्वपूर्ण जलमार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य को तत्काल पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा. ट्रंप ने शनिवार देर रात ईरान को जलडमरूमध्य को खोलने के लिए 48 घंटे की समयसीमा दी थी. और कहा था कि अगर ईरान जलडमरूमध्य नहीं खोलता है तो अमेरिका उसके ऊर्जा संयंत्रों को नष्ट कर देगा, शुरुआत सबसे बड़े संयंत्र से होगी.
खाड़ी देशों में बुनियादी ढांचे पर हमले की धमकी
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर कलीबाफ ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ईरान के बिजली संयंत्रों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जाता है, तो पूरे क्षेत्र के अहम बुनियादी ढांचे को वैध लक्ष्य माना जाएगा और उन्हें नष्ट कर दिया जाएगा, जिसमें खाड़ी देशों में पीने के पानी के लिए महत्वपूर्ण ऊर्जा और जल शोधन प्रतिष्ठान शामिल हैं.
जंग के परमाणु युद्ध में बदलने की आशंका से दुनियाभर में भय
जंग के परमाणु युद्ध में तब्दील होने की आशंकाओं से दुनियाभर में भय का माहौल है. क्यों कि अब हमलों में परमाणु ठिकानों को निशाना बनाए जाने लगा है. ईरान ने इजराइल के एक गुप्त परमाणु अनुसंधान स्थल पर मिसाइल हमला किया और इस इसे नतांज परमाणु केंद्र पर हमले की प्रतिक्रिया बताया. इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि हमले में किसी की जान नहीं गई और यह एक ‘चमत्कार’ है.
2 हजार से ज्यादा लोग मारे जा चुके
बता दें कि इजराइल की मंशा के विपरीत ईरान में न तो किसी विद्रोह का कोई संकेत मिला है और न ही उस लड़ाई के अंत का जिसने वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया है, तेल की कीमतों में भारी उछाल ला दिया है और दुनिया के कुछ सबसे व्यस्त हवाई मार्गों को खतरे में डाल दिया है. अमेरिका और इजराइल द्वारा 28 फरवरी को शुरू किए गए इस युद्ध में 2,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं.
ईरान ने बंद किया स्ट्रेट ऑफ हार्मुज
ईरान ने फारस की खाड़ी को शेष विश्व से जोड़ने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है और कहा है कि शत्रु देशों को छोड़कर अन्य देशों के जहाजों को वहां से गुजरने की अनुमति है, लेकिन जहाजों पर हमलों ने लगभग सभी टैंकर यातायात को रोक दिया है. वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा इसी जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है।
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