Iran Attack On Israel: ईरान इजराइल के बीच जारी जंग हर दिन घातक होती जा रही है. ईरान ने शनिवार देर रात दक्षिणी इजराइल के दो शहरों अराद और डिमोना पर मिसाइल हमले किए. इस हमले में कम से कम 100 लोग घायल हो गए. डिमोना शहर में इजराइल का मुख्य परमाणु अनुसंधान केंद्र स्थित है. इजराइल पर ये हमले ऐसे समय हुए जब उसी दिन पहले तेहरान के प्रमुख परमाणु संवर्धन केंद्र नतांज पर हमला हुआ था.
इजराइल का नतांज पर हमले से इनकार
वहीं, इजराइल ने नतांज पर हमले की जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया. अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय पेंटागन ने भी नतांज पर हमले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा कि इस तरह के हमले पूरे पश्चिम एशिया में विनाशकारी आपदा का वास्तविक खतरा पैदा करते हैं.
डिमोना और अराद में मिसाइल अटैक
इजराइली सेना ने कहा कि वह दक्षिणी शहरों डिमोना और अराद पर गिरी मिसाइलों को रोक नहीं सकी. यह पहली बार था जब परमाणु केंद्र के आसपास के क्षेत्र में ईरानी मिसाइलें इजराइल की वायु रक्षा प्रणाली को भेदने में सफल रहीं. इजराइल के सेना प्रमुख जनरल एयाल जमीर ने कहा कि, यह युद्ध समाप्ति के करीब नहीं है.
The Iranian regime devastated Arad and Dimona by deliberately striking civilians with missiles. Over 100 people were injured, including children. A blatant war crime. Pure terrorism. pic.twitter.com/e0kpFpdZ6n
— Israel Foreign Ministry (@IsraelMFA) March 21, 2026
अराद में मिसाइल अटैक में इमारतों को नुकसान
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि घटनास्थल पर और आपातकालीन दल भेजे जा रहे हैं. उन्होंने कहा, यह बेहद कठिन शाम है. बचावकर्मियों ने बताया कि अराद में सीधे हमले से कम से कम 10 अपार्टमेंट इमारतों को भारी नुकसान हुआ, जिनमें से 3 गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त होकर गिरने की कगार पर हैं. कम से कम 64 लोगों को अस्पताल ले जाया गया.
डिमोना को कहा जाता है लिटिल इंडिया
बता दें कि डिमोना शहर में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के यहूदी रहते हैं, जिसके चलते इसे लिटिल इंडिया भी कहा जाता है. डिमोना, परमाणु अनुसंधान केंद्र से लगभग 20 किलोमीटर पश्चिम में है, जबकि अराद उससे करीब 35 किलोमीटर उत्तर में स्थित है. माना जाता है कि इजराइल पश्चिम एशिया का एकमात्र देश है जिसके पास परमाणु हथियार हैं, हालांकि उसने कभी इसकी पुष्टि या खंडन नहीं किया.
अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने कही ये बात
संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने कहा कि उसे इजराइली केंद्र को किसी नुकसान या असामान्य विकिरण स्तर की कोई सूचना नहीं मिली है.
ब्रिटेन-अमेरिका के संयुक्त सैन्य अड्डे को भी बनाया निशाना
ईरान ने हिंद महासागर में स्थित ब्रिटेन-अमेरिका के संयुक्त डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डे को भी निशाना बनाया, जो करीब 4,000 किलोमीटर दूर है. इससे संकेत मिलता है कि तेहरान के पास पहले से अनुमानित दूरी से अधिक मार करने वाली मिसाइलें हैं या उसने अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम का इस्तेमाल किया है.
ये भी पढ़ें: ’48 घंटे में होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोला, तो तबाह कर देंगे’, डोनाल्ड ट्रंप की खुली धमकी, ईरान ने जवाब में कही ये बात




