Israel Iran War : तेहरान। पश्चिम एशिया में जारी इजराइल-ईरान-अमेरिका टकराव का आज तीसरा दिन है और हालात बद से बदतर बनते जा रहे हैं। इसी बीच ईरान ने सऊदी अरब की सबसे महत्वपूर्ण तेल रिफाइनरियों में से एक रास तनूरा पर हमला कर दिया। यह रिफाइनरी सऊदी की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको के अधीन है। हमले के बाद इसे एहतियातन बंद कर दिया गया। इसकी उत्पादन क्षमता लगभग 5.5 से 6 लाख बैरल प्रतिदिन मानी जाती है और यह दुनिया के सबसे बड़े ऑफशोर ऑयल लोडिंग टर्मिनलों में गिनी जाती है, जहां से अमेरिका, एशिया और यूरोप तक कच्चा तेल भेजा जाता है।
इस बीच ईरान के शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी ने साफ कर दिया कि उनका देश अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत नहीं करेगा। उन्होंने यह बयान उन रिपोर्टों के जवाब में दिया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि तेहरान ने वार्ता की कोशिश की है।
संघर्ष अब क्षेत्रीय स्तर पर फैलता दिखाई दे रहा है। ईरान ने इजराइल के साथ-साथ कतर, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात में भी हमले तेज कर दिए हैं। वहीं लेबनान का उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह भी खुलकर जंग में उतर आया है और उसने इजराइल के कई इलाकों पर बमबारी की है। हिजबुल्लाह का कहना है कि वह ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत का बदला ले रहा है, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर पहुंच गया है।
ईरान में 205 की मौत, 740 घायल
अल-जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका और इजराइल ने मिलकर अब तक ईरान के 1,000 से अधिक ठिकानों पर भीषण हमले किए हैं। शुरुआती 30 घंटों में ही 2,000 से ज्यादा बम गिराए गए, जिससे भारी तबाही हुई। इन हमलों में अब तक 205 से ज्यादा लोगों की मौत और 740 से अधिक के घायल होने की खबर है। सबसे दर्दनाक घटना एक स्कूल पर मिसाइल गिरने की रही, जहां 180 छात्राओं की मौत हो गई, जबकि 45 गंभीर रूप से घायल बताई जा रही हैं। 28 फरवरी को शुरू हुए इस युद्ध के पहले ही दिन की बमबारी में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने की खबर सामने आई थी। वहीं रविवार को हमलों के दौरान तीन अमेरिकी सैनिकों की भी मौत हो गई, जिससे संघर्ष और ज्यादा गंभीर हो गया है।




