वाशिंगटन। ईरान के खिलाफ बढ़ती वैश्विक तनाव ने अमेरिका में उपभोक्ताओं और उद्योगों को सीधे प्रभावित करना शुरू कर दिया है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में उछाल के कारण अमेरिकी के आम परिवारों और परिवहन, कृषि और निर्माण जैसे क्षेत्रों को अतिरिक्त दबाव महसूस हो रहा है। अमेरिकी ई-कॉमर्स दिग्गज अमेजन ने हाल ही में अपने डिलिवरी शुल्क में ईंधन अधिभार लागू करने की घोषणा की है। कंपनी के अनुसार, 17 अप्रैल से तीसरे पक्ष के विक्रेताओं पर 3.5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा।
इसी तरह, कुछ एयरलाइनों ने ईंधन की बढ़ती लागत को पूरा करने के लिए अपने खर्चों में वृद्धि के लिए चेक-इन बैगेज शुल्क में बढ़ोतरी की है। अमेरिका पेट्रोल की औसत कीमत 4.09 डॉलर प्रति गैलन पर पहुंच गई, जो युद्ध से पहले की कीमतों से लगभग दो डॉलर अधिक है। यह अगस्त 2022 के बाद सबसे ऊंचा स्तर है। डीजल की कीमत में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो पिछले साल 3.64 डॉलर प्रति गैलन से बढ़कर अब 5.53 डॉलर प्रति गैलन हो गई है। अमेरिका डीजल का व्यापक उपयोग न केवल परिवहन बल्कि कृषि और निर्माण उद्योगों में भी करता है।
अमेरिकी डाक सेवा ने भी अस्थायी ईंधन अधिभार लगाने की योजना बनाई है। अगर नियामक आयोग इसे मंजूरी देता है, तो यह 26 अप्रैल से लागू होगा और 17 जनवरी 2027 तक जारी रहेगा अगर ईरान के खिलाफ तनाव लंबा चलता है, तो यह अमेरिका में सप्लाई चेन और रोजमर्रा की जीवनयापन की लागत पर भी असर डालेगा। अमेरिका इससे बच नहीं सकता। यह वैश्विक बाजार की वास्तविकता है। परिवहन लागत में वृद्धि अन्य वस्तुओं की कीमतों को भी बढ़ाएगी, जिससे उपभोक्ताओं को जल्द ही इसका असर महसूस होगा।
अमेरिका में यह महंगाई का दबाव आने वाले महीनों में और बढ़ सकता है, और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए जीवन यापन की लागत पहले से ही चिंताजनक स्थिति में है।



