LPG Ship Green Asha : नई दिल्ली। अमेरिका और इजरायल तनाव के बीच अस्थायी सीजफायर पर सहमति बन गई है, जिसके तहत अगले दो सप्ताह तक अमेरिका ईरान पर कोई सैन्य हमला नहीं करेगा। इस फैसले को पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को कम करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
15,400 टन LPG लेकर नवी मुंबई पहुंचा टैंकर
इसी बीच भारत के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच भारतीय ध्वज वाला एक पोत होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार कर 15,400 टन एलपीजी के साथ नवी मुंबई स्थित जवाहरलाल नेहरू पत्तन प्राधिकरण (जेएनपीए) पहुंच गया है। जेएनपीए ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पत्तन प्राधिकरण ने एक विज्ञप्ति में कहा, जेएनपीए ने भारतीय ध्वज वाले एलपीजी पोत ‘ग्रीन आशा’ का आज स्वागत किया। इस पोत ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार किया और बीपीसीएल-आईओसीएल द्वारा संचालित जेएनपीए के ‘लिक्विड बर्थ’ पर लंगर डाला।

विज्ञप्ति के अनुसार, यह घटनाक्रम अहम है क्योंकि युद्ध शुरू होने के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर जेएनपीए पहुंचने वाला यह पहला ऐसा पोत है। पोत 15,400 टन एलपीजी लेकर पहुंचा। प्राधिकरण ने कहा, पोत, उस पर लदा माल और चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं। यह आगमन जटिल भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच भी समुद्री संचालन की दक्षता को दर्शाता है और देश के लिए आवश्यक एलपीजी की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करता है। अधिकारियों के मुताबिक, जेएनपीए देश के प्रमुख बंदरगाहों में से एक है।
ईरान ने फिर बंद किया होर्मुज स्ट्रेट
अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर के एलान को अभी 24 घंटे भी नहीं बीते हैं कि तेहरान ने एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट बंद कर दिया है। फॉर्स न्यूज ने के मुताबिक, यह फैसला लेबनान पर इजरायली हमलों के चलते लिया गया है। फार्स न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, लेबनान में इजरायल के हमलों के कारण ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से तेल टैंकरों के मार्ग को रोक दिया है। फार्स की रिपोर्ट है कि ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष विराम प्रभावी होने के बाद आज सुबह दो तेल टैंकरों को जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी गई।



