Monday, January 5, 2026
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Venezuela Oil Reserves: वेनेजुएला के तेल भंडार पर अमेरिकी नियंत्रण से भारत को मिल सकता हैं फायदा, पढ़ें पूरी खबर

Venezuela Oil Reserves: वेनेजुएला के तेल भंडार पर अमेरिकी नियंत्रण या पुनर्गठन से भारत को फायदा हो सकता है। इससे भारत के करीब 1 अरब डॉलर के बकाए की वसूली संभव है और वेनेजुएला में भारतीय कंपनियों द्वारा संचालित तेल उत्पादन बढ़ सकता है।

Venezuela Oil Reserves: विश्लेषकों और उद्योग सूत्रों के अनुसार, वेनेजुएला के तेल क्षेत्र पर अमेरिकी नियंत्रण अथवा उसके पुनर्गठन से भारत को प्रत्यक्ष लाभ मिल सकता है. विश्लेषकों ने बताया कि इस घटनाक्रम के चलते काफी समय से लंबित भारत के लगभग 1 अरब अमेरिकी डॉलर के बकाए की वसूली हो सकती है और प्रतिबंधों से प्रभावित वेनेजुएला में भारतीय संस्थाओं द्वारा संचालित तेल क्षेत्रों से कच्चे तेल का उत्पादन भी बढ़ सकता है.

वेनेजुएला के तेल का प्रमुख आयातक था भारत

उल्लेखनीय है कि भारत एक समय वेनेजुएला के भारी कच्चे तेल का प्रमुख आयातक था और अपने चरम काल में प्रतिदिन 4 लाख बैरल से अधिक का आयात करता था. हालांकि, 2020 में अमेरिकी प्रतिबंधों और अनुपालन जोखिमों के कारण यह आयात बाधित हो गया था.

अमेरिकी नियंत्रण से भारत को मिल सकता फायदा

भारत की प्रमुख विदेश तेल अन्वेषण एवं उत्पादन कंपनी ONGC विदेश लिमिटेड (OVL) पूर्वी वेनेजुएला के ‘सैन क्रिस्टोबल’ तेल क्षेत्र का संयुक्त संचालन करती है. अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण आवश्यक तकनीक, उपकरण और सेवाओं तक पहुंच बाधित होने से वहां उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा और व्यावसायिक रूप से उपयोगी भंडार लगभग फंस गए.

वेनेजुएला सरकार ने इस परियोजना में OVL की 40 प्रतिशत हिस्सेदारी पर 2014 तक देय 53.6 करोड़ अमेरिकी डॉलर का लाभांश अभी तक नहीं चुकाया है. इसके बाद की अवधि के लिए भी लगभग समान राशि बकाया है, किंतु ऑडिट की अनुमति न मिलने के कारण इन दावों का निपटान लंबित है.

प्रतिबंधों में ढील से हो सकता फायदा

विश्लेषकों के अनुसार, यदि अमेरिका वहां के तेल भंडार को अपनी निगरानी में लेता है, तो प्रतिबंधों में ढील दी जा सकती है. इसके बाद OVL गुजरात और अन्य क्षेत्रों से रिग एवं अन्य उपकरण भेजकर उत्पादन में वृद्धि कर सकती है. इस समय यह उत्पादन घटकर मात्र 5,000 से 10,000 बैरल प्रतिदिन रह गया है.

अधिकारियों का अनुमान है कि यदि उन्नत उपकरण और अतिरिक्त तेल कुओं का उपयोग किया जाए, तो उत्पादन बढ़कर 80,000 से 1,00,000 बैरल प्रतिदिन हो सकता है. इसके लिए आवश्यक रिग ONGC के पास पहले से उपलब्ध हैं. अमेरिकी नियंत्रण का अर्थ यह भी है कि वैश्विक बाजार में वेनेजुएला से निर्यात शीघ्र बहाल हो सकता है, जिससे OVL को अपने पुराने बकाये की वसूली में सहायता मिलेगी.

भारतीय रिफाइनरियों तक पहुंच सकता है कच्चा तेल

OVL ने पूर्व में अमेरिकी वित्त मंत्रालय के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) से विशेष लाइसेंस के तहत प्रतिबंधों में छूट की मांग की थी, जैसा कि शेवरॉन को प्रदान किया गया था. केप्लर के वरिष्ठ शोध विश्लेषक निखिल दुबे ने कहा कि प्रतिबंधों में ढील से व्यापार प्रवाह तेजी से बहाल हो सकता है और वेनेजुएला का कच्चा तेल फिर से भारतीय रिफाइनरियों तक पहुंच सकता है. रिलायंस इंडस्ट्रीज, नयारा एनर्जी, इंडियन ऑयल और HPCL-मित्तल एनर्जी जैसी भारतीय रिफाइनरियों के पास भारी कच्चे तेल को संसाधित करने की उन्नत क्षमता मौजूद है. विश्लेषकों के अनुसार वेनेजुएला के तेल की वापसी से वैश्विक बाजार में कीमतों में स्थिरता आएगी और भारत जैसे आयातक देशों को रणनीतिक लाभ मिलेगा.

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Premanshu Chaturvedi
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