Rajasthan Election 2026 : जयपुर। राजस्थान हाई कोर्ट ने राज्य में ग्राम पंचायत और निकाय चुनाव कराने में हो रही देरी पर नाराजगी जताई है। अदालत ने राज्य सरकार और राज्य चुनाव आयोग को अवमानना नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा है। यह आदेश कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एस.पी. शर्मा की खंडपीठ ने एक अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया।
दरअसल, हाई कोर्ट ने 14 नवंबर 2025 को अपने आदेश में राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव 15 अप्रैल 2026 तक करा लिए जाएं। साथ ही अदालत ने 31 दिसंबर 2025 तक परिसीमन प्रक्रिया पूरी करने के भी निर्देश दिए थे। हालांकि अदालत के आदेश के बावजूद चुनाव प्रक्रिया तय समयसीमा के भीतर पूरी होती नहीं दिख रही है। राज्य चुनाव आयोग की ओर से बताया गया है कि अंतिम मतदाता सूची 22 अप्रैल 2026 को जारी की जाएगी। ऐसे में 15 अप्रैल तक चुनाव कराना संभव नहीं है। इसी को लेकर अदालत ने नाराजगी जताई है।
अवमानना याचिका पर हाई कोर्ट में सुनवाई, सरकार से मांगा जवाब
यह अवमानना याचिका पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने अपने अधिवक्ता पुनीत सिंघवी के माध्यम से दायर की थी। याचिका में कहा गया कि अदालत के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद चुनाव कार्यक्रम समयसीमा से बाहर तय किया गया है। याचिका दायर करने से पहले लोढ़ा की ओर से राज्य सरकार और चुनाव आयोग को लीगल नोटिस भी भेजा गया था, जिसमें पुनरीक्षण कार्यक्रम को अदालत के आदेश के अनुसार संशोधित करने की मांग की गई थी।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि सरकार चुनाव आगे बढ़ाने के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल करेगी। इस पर अदालत ने कहा कि यह बाद की बात है, लेकिन पहले यह स्पष्ट किया जाए कि अदालत के आदेश के बावजूद मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्यक्रम तय समयसीमा से बाहर क्यों जारी किया गया।
हाई कोर्ट ने 15 अप्रैल तक चुनाव करवाने का दिए थे निर्देश
गौरतलब है कि हाई कोर्ट ने पिछले साल 439 याचिकाओं पर फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार को तय समय सीमा के भीतर पंचायत और निकाय चुनाव कराने के निर्देश दिए थे। इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं की सुनवाई के दौरान भी शीर्ष अदालत ने 15 अप्रैल 2026 तक चुनाव कराने की समयसीमा को दोहराया था।



