Grain ATM In Rajasthan: अभी तक आपने पैसा निकालने की एटीएम मशीन तो देखी होगी, लेकिन अब जल्द ही प्रदेश में अनाज एटीएम भी खुलने वाले हैं। इसका फायदा यह होगा कि खाद्य सुरक्षा में शामिल लोगों को राशन की दुकान पर लगने वाली लम्बी लाइनों से छुटकारा मिलेगा।
दरअसल, खाद्य व नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बुधवार को गिव अप अभियान को लेकर सचिवालय में प्रेस वार्ता की। प्रेस वार्ता के दौरान गोदारा ने बताया कि प्रदेश में जल्द ही तीन अनाज एटीएम खुलने जा रहे हैं। यह अनाज एटीएम जयपुर, भरतपुर और बीकानेर जिलों में खोले जाएंगे। यहां से खाद्य सुरक्षा लाभार्थी अपने राशन कार्ड का उपयोग करते हुए उचित मूल्य दुकानों पर जाए बिना खुद ही राशन प्राप्त कर सकेंगे। मंत्री गोदारा ने कहा कि 1 नवम्बर 2024 को शुरू हुए गिव अप अभियान के माध्यम से प्रदेशभर में अब तक 54.36 लाख से अधिक संपन्न लोगों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा सूची से अपना नाम हटवाया है। उन्होंने बताया कि 28 फरवरी को अभियान के अवधि समाप्त होने के उपरांत स्वेच्छा से गिव अप नहीं करने वाले अपात्रों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
गोदारा ने कहा कि प्रदेश में जनसंख्या के अनुपात में खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत 4.46 करोड़ लाभार्थियों की सीलिंग थी। यह संख्या पूरी हो जाने के कारण खाद्य सुरक्षा सूची में नए पात्र लाभार्थियों के लिए जगह नहीं बन पा रही थी। गिव अभियान के अंतर्गत अपात्रों द्वारा स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा छोड़ने और करीब 27 लाख एनएफएसए लाभार्थियों द्वारा ई केवाईसी नहीं करवाए जाने से 81 लाख वंचित पात्रों के लिए खाद्य सुरक्षा सूची में रिक्तियां बनी। यह संख्या प्रदेश में वर्तमान खाद्य सुरक्षा लाभार्थियों का 18.6 प्रतिशत है।
मंत्री ने दी ये महत्वपूर्ण जानकारी
— गत वर्ष 26 जनवरी को खाद्य सुरक्षा पोर्टल पुन: प्रारंभ किए जाने के बाद अब तक लगभग 73 लाख वंचित पात्रों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ा जा चुका है।
— जयपुर जिले में सबसे अधिक 3.17 लाख वंचित पात्रों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ा गया है। क्रमशः 3.07 व 3.04 लाख पात्र लाभार्थियों को एनएफएसए से जोड़कर बाड़मेर और सीकर दूसरे व तीसरे स्थान पर रहे।
— राज्य में वर्तमान में 4.35 करोड़ लाभार्थी खाद्य सुरक्षा सूची में शामिल है। इस प्रकार लगभग 11 लाख रिक्तियां एनएफएसए में मौजूद हैं, जिनको भरने के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं। इस स्थिति को प्राप्त करने वाला राजस्थान देश का एकमात्र राज्य है। वर्तमान में खाद्य सुरक्षा में सूची में शामिल किए जाने हेतु प्राप्त आवेदनों में केवल 90 हजार लंबित है।
— विभागीय अधिकारी माह में 8 दिन फील्ड विजिट कर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि नए आवेदनों में से केवल पात्र लाभार्थी ही एनएफएसए से जोड़े जाए।
— नए लाभार्थी जोड़ने की प्रक्रिया को सरल करते हुए जिला कलक्टर को एनएफएसए में वंचित पात्र को जोड़ने के लिए अधिकृत किया गया है।




