रिपोर्टर : मनीष कुमार शर्मा
SMS Hospital Cafeteria : जयपुर। प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में अब डॉक्टर्स, रेजीडेंट्स और प्रशासनिक स्टाफ को क्वालिटी फूड के लिए इधर- उधर भटकना नहीं पड़ेगा। यहां अस्पताल के बीचों-बीच पुरानी लॉन्ड्री वाले स्थान पर आधुनिक कैफेटेरिया का शुभारंभ किया गया है। हालांकि इसकी विधिवत रूप से शुरुआत अगले महीने होगी।

दरअसल, मरीजों की देखभाल के चलते डॉक्टर्स और रेजीडेंट्स को खाने-पीने की वस्तुओं के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। कई बार तो घंटों भूखे रहकर भी डॉक्टर्स पेशेंट का इलाज करने में लगे रहते थे, क्योंकि उनके पास इतना समय नहीं होता था कि वे अच्छे रेस्टोरेंट या हॉस्टल में जाकर भोजन कर सकें। ऐसे हालात में सीधा असर डॉक्टर्स की सेहत पर भी पड़ता था। ऐसे में पिछले काफी समय से अस्पताल में ही मरीजों व डॉक्टर्स के लिए क्वालिटी फूड की व्यवस्था करने के लिए मांग की जा रही थी। इसी परेशानी को देखते हुए यहां अस्पताल की पुरानी लॉन्ड्री वाले स्थान पर अत्याधुनिक कैफेटेरिया का शुभारम्भ किया गया है। इसमें सबसे बड़ा योगदान एसएमएस अस्पताल के एल्युमिनाई डॉ. भरत गुप्ता का रहा, जिन्होंने इसके लिए करीब एक करोड़ रुपए का डोनेशन दिया है। आपको बता दें कि डॉ. भरत गुप्ता वर्तमान में यूएस में जाने-माने नेफ्रोलोजिस्ट हैं। उनकी अगुवाई में पिछले दिनों यहां कैफेटेरिया का औपचारिक शुभारंभ कर दिया गया है। हालांकि, विधिवत रूप से यह कैफेटेरिया अगले महीने के पहले सप्ताह में शुरू हो जाएगा।

दीवारों को पेंटिंग्स से दिया नया लुक
कैफेटेरिया का मेंटेनेंस और खान-पान की व्यवस्था संभालने का जिम्मा मिलन स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट का दिया गया है। मिलन स्वीट्स के प्रबंधक अमन राज शर्मा ने बताया कि सीनियर डॉक्टर्स और रेजीडेंट्स के लिए लिए अलग-अलग व्यवस्था रहेगी। एक हॉल में थ्रीडी पेंटिग्स और प्रोजेक्टर लगाया गया है, जहां सीनियर डॉक्टर्स एक जगह बैठकर चाय-कॉफी और भोजन का लुत्फ उठा सकेंगे और विभिन्न विषयों पर चर्चा भी कर सकेंगे। वहीं खुली जगह पर अस्पताल के अन्य स्टाफ और रेजीडेंट्स सकारात्मक माहौल में रिफ्रेशमेंट का आनंद उठा सकेंगे। यहां दीवारों पर पेंटिंग्स भी बनाई गई है। शर्मा ने बताया कि 5 मार्च से यह कैफेटेरिया शुरू हो जाएगा।

करीब 100 लोगों के बैठने की व्यवस्था
कैफेटेरिया में करीब 100 लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। इसमें ओपन एरिया में 40 कुर्सियां और उनके लिए टेबल, डॉक्टर्स कैफे में 5 टेबल और 20 कुर्सियां, रेजीडेंट्स डॉक्टर्स कैफे में 10 टेबल और 28 कुसियां लगाई गई हैं। इसके अलावा यहां फ्लोवर स्टॉल लगाने पर भी चर्चा हो रही है, ताकि मरीजों से मिलने आने वाले परिजन और विशेष अवसरों पर डॉक्टर्स को बुके उपलब्ध कराए जा सकें। इसका उद्देश्य भागदौड़ और तनाव भरी जिंदगी में सेलिब्रेशन का कंसेप्ट है।
24 घंटे सातों दिन मिलेंगे खाद्य पदार्थ
जानकारी के अनुसार, कैफेटेरिया में सप्ताह के सातों दिन और 24 घंटे क्वालिटी फूड उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें चाय, कॉफी, पोहा, उत्पम, इडली—सांभर, डोसा, बर्गर, सैंडविच, पास्ता, पिज्जा, बड़पाव, मैगी सहित सुबह—शाम एक निश्चित समय पर भोजन की व्यवस्था रहेगी। सभी खाद्य पदार्थों स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर तैयार किए जाएंगे। मरीजों के परिजन यहां से खाना या खाद्य पदार्थ पैकिंग करवाकर ले जा सकेंगे। इसके अलावा यहां महिला और पुरूषों के लिए अलग—अलग टॉयलेट्स बनाए गए हैं।

पिछले 30—35 साल से जार्ड की डॉक्टर्स के लिए अलग से कैफेटेरिया की डिमांड थी। कई बार डॉक्टर्स लंबी ड्यूटी के चलते अस्पताल के बाहर से मजबूरीवश खाने—पीने की वस्तुएं मंगवाते थे। अब क्वालिटी को महत्व देते हुए कैफेटेरिया का टेंडर किया गया है। किचन सेटअप को लेकर एजेंसी ने कुछ समय मांगा है। उम्मीद है अगले महीने यह शुरू हो जाएगा।
— डॉ. अनिल दुबे, उप अधीक्षक, एसएमएस अस्पताल




