Monday, February 23, 2026
HomeUser Interest CategoryBusinessIndia Gold Import 2026: निर्मला सीतारमण बोलीं- केंद्रीय बैंकों की भारी खरीद...

India Gold Import 2026: निर्मला सीतारमण बोलीं- केंद्रीय बैंकों की भारी खरीद से बढ़ीं सोने की कीमतें, आयात पर सरकार की कड़ी नजर

निर्मला सीतारमण ने कहा कि वैश्विक केंद्रीय बैंकों की भारी खरीदारी से सोने की कीमतों में तेजी आई है। सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक सोने के आयात पर नजर रखे हुए हैं, हालांकि स्थिति अभी चिंताजनक नहीं है। अप्रैल-दिसंबर 2025 में सोना आयात 50 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जबकि जनवरी में मूल्य और मात्रा दोनों में अचानक उछाल देखा गया।

India Gold Import 2026: नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने सोमवार को कहा कि वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों की भारी खरीदारी के कारण सोने की कीमतों में तेजी आई है। उन्होंने कहा कि सरकार एवं भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) सोने के आयात पर कड़ी नजर रखे हुए हैं, हालांकि स्थिति अभी ‘‘चिंताजनक स्तर’’ पर नहीं पहुंची है। भारत का सोना आयात अप्रैल-दिसंबर, 2025 के दौरान मूल्य के लिहाज से लगभग एक अरब डॉलर बढ़कर 50 अरब डॉलर हो गया। वहीं जनवरी में सोने के आयात के मूल्य और मात्रा, दोनों में अचानक वृद्धि देखी गई है जिसकी समीक्षा केंद्रीय बैंक कर रहा है।

वैश्विक खरीदारी से महंगा हुआ सोना

आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि अप्रैल-दिसंबर, 2025 के दौरान कीमतों में वृद्धि को आयातित सोने की मात्रा में कमी ने काफी हद तक संतुलित कर दिया था। उन्होंने कहा, केवल जनवरी में मूल्य व मात्रा दोनों में अचानक उछाल आया है। हम इन आंकड़ों का विश्लेषण कर रहे हैं। मांग में मौसमी उतार-चढ़ाव भी रहता है। सीतारमण ने कहा कि भारत में सोना हमेशा से घरेलू निवेशकों के लिए पसंदीदा निवेश रहा है, चाहे संपत्ति के रूप में हो या आभूषण के तौर पर। घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत, सोने का शुद्ध आयातक है। उन्होंने कहा, ‘‘ हम इस पर नजर रखे हुए हैं। भारत में सोने में निवेश और खरीदारी की प्रवृत्ति को देखते हुए यह अभी चिंताजनक स्तर तक नहीं पहुंचा है। आरबीआई भी इस पर नजर रखेगा।”

आरबीआई निदेशक मंडल को संबोधित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में सीतारमण ने कहा कि भारत में घरेलू खपत के लिए सोने की मांग परंपरागत रूप से त्योहारों के मौसम, अक्षय तृतीया आदि के दौरान बढ़ जाती है। इसके अलावा, आज अधिकतर देशों के केंद्रीय बैंक सोना और चांदी खरीद रहे हैं और उनका भंडारण कर रहे हैं। मल्होत्रा ने कहा कि अप्रैल-दिसंबर, 2025 के दौरान कीमतों में वृद्धि को आयातित सोने की मात्रा में कमी ने कमोबेश संतुलित कर दिया था। मल्होत्रा ने कहा कि आरबीआई इस स्थिति को लेकर “अनावश्यक रूप से चिंतित” नहीं है, क्योंकि भारत का बाह्य क्षेत्र मजबूत है। उन्होंने कहा, ‘‘ चालू खाते का घाटा (कैड) हमारे अनुमानों के अनुसार सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के करीब एक प्रतिशत के दायरे में है, जो प्रबंधनीय है।’’ इससे पहले दिन में वित्त मंत्री ने आरबीआई के केंद्रीय निदेशक मंडल की 621वीं बैठक को संबोधित किया, जिसकी अध्यक्षता संजय मल्होत्रा ने की। निदेशक मंडल ने भू-राजनीतिक घटनाक्रम और वित्तीय बाजार की अस्थिरता से उत्पन्न चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए वैश्विक एवं घरेलू आर्थिक परिदृश्य की समीक्षा की।

वित्त मंत्री ने केंद्रीय बजट 2026-27 को रणनीतिक दृष्टि को रेखांकित किया। बैठक में वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, निवेश एवं लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग के सचिव अरुणीश चावला, व्यय विभाग के सचिव वी. वुअलनाम, राजस्व विभाग के सचिव अरविंद श्रीवास्तव और मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन भी उपस्थित रहे। आरबीआई के उप-गवर्नर टी. रबी शंकर, स्वामीनाथन जे. , पूनम गुप्ता और शिरीष चंद्र मुर्मू के अलावा वित्तीय सेवा विभाग के सचिव नागराजू मड्डिराला तथा आर्थिक मामलों के विभाग की सचिव अनुराधा ठाकुर भी बैठक में मौजूद रहीं। अन्य निदेशकों में सतीश के. मराठे, एस. गुरुमूर्ति, रेवती अय्यर, सचिन चतुर्वेदी, वेणु श्रीनिवासन, पंकज रमणभाई पटेल और रवींद्र एच. ढोलकिया शामिल हैं।

Mukesh Kumar
Mukesh Kumarhttps://jagoindiajago.news/
समाचार लेखन की दुनिया में एक ऐसा नाम जो सटीकता, निष्पक्षता और रचनात्मकता का सुंदर संयोजन प्रस्तुत करता है। हर विषय को गहराई से समझकर उसे आसान और प्रभावशाली अंदाज़ में पाठकों तक पहुँचाना मेरी खासियत है। चाहे वो ब्रेकिंग न्यूज़ हो, सामाजिक मुद्दों पर विश्लेषण या मानवीय कहानियाँ – मेरा उद्देश्य हर खबर को इस तरह पेश करना है कि वह सिर्फ जानकारी न बने बल्कि सोच को भी झकझोर दे। पत्रकारिता के प्रति यह जुनून ही मेरी लेखनी की ताकत है।
RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular