Global Trade Crisis: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध अब और गंभीर होता जा रहा है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष में हूती विद्रोहियों की एंट्री के बाद वैश्विक व्यापार और तेल सप्लाई पर बड़ा खतरा मंडराने लगा है।
दो अहम समुद्री रास्तों पर संकट
दुबई। पहले से ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज प्रभावित है, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल सप्लाई रूट में शामिल है। अब हूती विद्रोहियों की सक्रियता के बाद बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट पर भी खतरा बढ़ गया है। अगर ये दोनों समुद्री रास्ते बाधित होते हैं, तो वैश्विक व्यापार और सप्लाई सिस्टम पर बड़ा असर पड़ सकता है।
हूती विद्रोहियों की एंट्री से बढ़ा तनाव
यमन में सक्रिय हूती विद्रोहियों ने पहली बार सीधे इजरायल की ओर मिसाइल दागी है। इससे यह संघर्ष और व्यापक हो गया है। अब तक हूती इस जंग से दूरी बनाए हुए थे, लेकिन उनके सक्रिय होने से क्षेत्रीय तनाव कई गुना बढ़ गया है।
तेल सप्लाई पर पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बाब-अल-मंदेब और होर्मुज दोनों रास्ते बाधित हुए तो दुनिया भर में तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इसका सीधा असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
वैश्विक व्यापार पर भी संकट
ये दोनों समुद्री मार्ग एशिया, यूरोप और अफ्रीका के बीच व्यापार के प्रमुख रास्ते हैं। इनके प्रभावित होने से सप्लाई चेन टूट सकती है और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है। हालात जिस तरह से बदल रहे हैं, उससे संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में यह संकट और गहरा सकता है।



