Surya Grahan 2026 Time: फाल्गुन अमावस्या पर आज यानि मंगलवार को साल का पहला सूर्य ग्रहण लगेगा। हालांकि, यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए सूतक मान्य नहीं होगा, फिर भी नियमों का पालन करने का विधान है। इस अवसर पर गंगा स्नान कर भगवान शिव की पूजा, जप-तप और दान-पुण्य किया जाता है। इसके साथ ही पितरों का तर्पण एवं पिंडदान किया जाता है। अमावस्या तिथि पर देवों के देव महादेव की पूजा करने से व्यक्ति को जीवन में व्याप्त सभी प्रकार के दुख एवं संकटों से मुक्ति मिलती है। यह कहना है ज्योतिषाचार्य पं. अनिल कुमार विद्रोही का। विद्रोही के अनुसार फाल्गुन अमावस्या के दिन साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने वाला है। सूर्य ग्रहण के दौरान राहु का प्रभाव बढ़ जाता है। ज्योतिष गणना अनुसार मंगलवार को साल का पहला सूर्य ग्रहण होगा। सूर्य ग्रहण के दौरान सूतक 12 घंटे पूर्व लगता है। हालांकि, भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा। इसके लिए सूतक मान्य नहीं होगा। इसके बावजूद ग्रहण के दौरान शास्त्र द्वारा निर्धारित नियमों का पालन अवश्य करना चाहिए।
दिखेगा रिंग ऑफ फायर का अद्भुत नजारा
विद्रोही के अनुसार यह सामान्य से काफी अलग यानी वलयाकार सूर्य ग्रहण होने वाला है। इसे बोलचाल की भाषा में ‘रिंग ऑफ फायर’ भी कहा जाता है। जब चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह से ढक नहीं पाता है तो उसका बाहरी हिस्सा ऐसा नजर आता है मानो चमकती अंगूठी हो। वहीं फाल्गुन अमावस्या के दिन मेष राशि के जातकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। इस राशि के जातकों पर सूर्य देव की विशेष कृपा बरसती है। वहीं, मायावी ग्रह राहु, सूर्य देव को अपना शत्रु मानते हैं। मेष राशि के जातक शुभ काम न करें। वाणी और क्रोध पर कंट्रोल रखें। किसी से विवाद न करें। बड़ों की सेवा और सम्मान करें। ग्रहण के दौरान नकारात्मक जगहों पर जाने से बचें। भगवान विष्णु का ध्यान करें और उनके नामों का जप करें।
मायावी ग्रह केतु सिंह राशि में विराजमान
वर्तमान समय में मायावी ग्रह केतु सिंह राशि में विराजमान हैं। वहीं, सिंह राशि के स्वामी आत्मा के कारक सूर्य देव हैं और आराध्य भगवान विष्णु हैं। मायावी ग्रह राहु और केतु सूर्य देव को अपना शत्रु मानते हैं। सूर्य ग्रहण के दिन अनावश्यक घर से बाहर न निकलें। अपनी सेहत का ध्यान रखें। तनाव की समस्या हो सकती है। बेवजह की बातों में ध्यान न दें। किसी से बहस न करें। किसी के प्रति बुरा न सोचें। यात्रा से बचें। किसी को उधार न दें। कारोबार से जुड़े अहम फैसले न लें। ग्रहण के समय विष्णु जी के नामों का जप करें। ग्रहण के बाद सफेद एवं पीले रंग की चीजों का दान करें।
सूर्य ग्रहण का समय
साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण मंगलवार 17 फरवरी को दोपहर से शाम तक चलेगा। सूर्यग्रहण दोपहर 03: 26 मिनट पर शुरू होगा। वहीं, इसका समापन रात 07: 57 मिनट पर होगा। ज्योतिषियों के अनुसार, इस ग्रहण का असर सभी राशि के जातकों पर पड़ेगा। पंडित विद्रोही के अनुसार सभी जातकों को अपनी राशियों के अनुसार ग्रहण काल में मंत्र जाप करना चाहिए।
कब, कहां और कैसे दिखेगा:
आंशिक ग्रहण की शुरुआत: दोपहर 03:26 बजे
वलयाकार चरण की शुरुआत: शाम 05:12 बजे
ग्रहण का चरम समय शाम 05:42 बजे
वलयाकार चरण की समाप्ति: शाम 06:11 बजे
ग्रहण का पूर्ण समापन: शाम 07:57 बजे होगा।
कुल अवधि- लगभग 4 घंटे 31 मिनट
‘रिंग ऑफ फायर’ की अवधि: लगभग 2 मिनट 20 सेकंड
कहां-कहां दिखाई देगा:
वर्ष 2026 का पहला सूर्य ग्रहण बेहद खास रहेगा। यह वलयाकार होगा। यह पूरे विश्व में दिखाई नहीं देगा। कुछ हिस्से के लोग ही इस अनूठी खगोलीय घटना के गवाह बन पाएंगे। इनमें अंटार्कटिका का सुदूर क्षेत्र, हिंद महासागर का दक्षिणी हिस्सा, रूस का मिनी स्टेशन और फ्रांस व इटली का कॉनकॉडिया स्टेशन।
यहां आंशिक रूप से दिखेगा
दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया, मेडागास्कर, चिली, अर्जेंटीना का दक्षिणी हिस्सा।
FAQs for Surya Grahan 2026:
1. क्या आज सूर्य ग्रहण है?
हाँ, साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण मंगलवार, 17 फरवरी को फाल्गुन अमावस्या के दिन लग रहा है।
2. आज सूर्य ग्रहण कितने बजे से लगेगा?
सूर्य ग्रहण दोपहर 03:26 बजे से शुरू होगा और रात 07:57 बजे तक रहेगा।
3. सूर्य ग्रहण कब से कब तक रहेगा?
- शुरुआत: 03:26 बजे दोपहर
- वलयाकार चरण: 05:12 बजे शाम
- चरम समय: 05:42 बजे शाम
- वलयाकार समाप्ति: 06:11 बजे शाम
- पूर्ण समापन: 07:57 बजे रात
कुल अवधि लगभग 4 घंटे 31 मिनट रहेगी।
4. क्या भारत में आज सूर्य ग्रहण दिखाई देगा?
नहीं, यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए सूतक काल मान्य नहीं होगा।
5. सूर्य ग्रहण 2026 कहां-कहां दिखाई देगा?
यह वलयाकार सूर्य ग्रहण अंटार्कटिका के कुछ हिस्सों, हिंद महासागर के दक्षिणी भाग, रूस के मिनी स्टेशन और फ्रांस व इटली के कॉनकॉडिया स्टेशन में दिखाई देगा।
आंशिक रूप से दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया, मेडागास्कर, चिली और अर्जेंटीना के दक्षिणी हिस्से में देखा जा सकेगा।
6. ‘रिंग ऑफ फायर’ क्या होता है?
जब चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक नहीं पाता और किनारों पर सूर्य की चमकती हुई गोल रिंग दिखाई देती है, तो उसे वलयाकार सूर्य ग्रहण या ‘रिंग ऑफ फायर’ कहा जाता है। इसकी अवधि लगभग 2 मिनट 20 सेकंड रहेगी।
7. सूर्य ग्रहण 2026 का समय क्या है?
- 03:26 PM से 07:57 PM तक
- चरम समय: 05:42 PM
8. सूर्य ग्रहण कब है?
साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी, मंगलवार को लग रहा है।
9. क्या आज भारत में सूर्य ग्रहण है?
ग्रहण आज है, लेकिन भारत में दिखाई नहीं देगा।
10. सूर्य ग्रहण के दौरान क्या करना चाहिए?
गंगा स्नान, भगवान शिव और विष्णु जी का जप, दान-पुण्य, पितरों का तर्पण और मंत्र जाप करना शुभ माना गया है।
11. सूर्य ग्रहण के दौरान क्या नहीं करना चाहिए?
- अनावश्यक यात्रा से बचें
- शुभ कार्य न करें
- बहस या विवाद से दूर रहें
- उधार लेन-देन न करें
- ग्रहण के समय भोजन से परहेज रखें
12. किन राशियों को सावधान रहना चाहिए?
ज्योतिष के अनुसार मेष और सिंह राशि के जातकों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। वाणी और क्रोध पर नियंत्रण रखें तथा भगवान विष्णु के नामों का जप करें।
13. क्या सूर्य ग्रहण का असर सभी राशियों पर पड़ेगा?
ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार ग्रहण का प्रभाव सभी राशियों पर किसी न किसी रूप में पड़ता है। इसलिए अपनी राशि के अनुसार मंत्र जाप और पूजा करना लाभकारी माना जाता है।




