Bengal SIR : कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस से जुड़े एक बीएलओ अधिकार मंच के सदस्यों ने शनिवार को यहां मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और मतदाता सूची से संबंधित ड्यूटी के दौरान कथित तौर पर बीमार पड़ने या मरने वाले सहकर्मियों के लिए मुआवजे की मांग की। यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ जब निर्वाचन आयोग की एक विशेष टीम कोलकाता आई हुई है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि घंटों इंतजार करने के बावजूद उन्हें दौरे पर आए अधिकारियों से मिलने का मौका नहीं दिया गया।
बीएलओ ने मुआवजे की मांग की
बीएलओ अधिकार रक्षा समिति के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में मुर्शिदाबाद के एक ब्लॉक स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) के परिवार के सदस्य भी शामिल हुए, जिन्हें कथित तौर पर काम के अत्यधिक दबाव के कारण आघात के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। समूह ने निर्वाचन आयोग पर ‘वास्तविक शिकायतों को नज़रअंदाज़’ करने का आरोप लगाया।

बीएलओ के मंच ने दो प्रमुख मांगें उठाईं। इसके तहत उन कर्मियों के परिवारों के लिए मुआवजा, जिन्हें विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया का पालन करते समय कथित रूप से गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं का सामना करना पड़ा या जिनकी मृत्यु हो गई, तथा यह प्रतिबद्धता कि भविष्य में एसआईआर प्रक्रिया केवल उचित योजना और पर्याप्त तैयारी के साथ ही की जाएगी।
आयोग ने पूर्व में पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और कोलकाता पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर सीईओ कार्यालय परिसर में कड़ी सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। प्रदर्शन जारी रहने पर, प्रदर्शनकारियों को इलाके से हटाने के लिए पुलिस तैनात की गई। अधिकारियों ने बताया कि आयोग ने शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल को एक स्पष्ट संदेश जारी किया था, जिसमें सभी हितधारकों को आधिकारिक कार्यवाही में बाधा न डालने की सलाह दी गई थी।




