Bharat Taxi Service : नई दिल्ली। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने सोमवार को कहा कि हाल में शुरू की गई सहकारी टैक्सी सेवा ‘भारत टैक्सी’ (Bharat Taxi) अपने मंच से जुड़े सभी चालकों (ड्राइवर) के लिए प्रति किलोमीटर न्यूनतम आधार किराया सुनिश्चित करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा टैक्सी एग्रीगेटर कंपनियों ने अपना मुनाफा बढ़ाने के लिए जानबूझकर चालक के लिए कोई आधार दर तय नहीं की है।
भारत टैक्सी में ड्राइवरों को मिलेगा तय न्यूनतम किराया : शाह
शाह ने दिल्ली-एनसीआर और गुजरात के कैब एवं ऑटो चालकों के साथ एक टाउन हॉल चर्चा में कहा कि इस सहकारी सवारी मंच के मुनाफे का 80 प्रतिशत हिस्सा ड्राइवर को उनके द्वारा तय की गई दूरी (किलोमीटर) के आधार पर लौटाया जाएगा, जबकि 20 प्रतिशत सहकारी पूंजी के रूप में रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि तीनों एग्रीगेटर कंपनियों से चालकों के लिए न्यूनतम आधार दर तय करने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने नकारात्मक जवाब दिया। उन्होंने कहा, लेकिन हम ऐसा नहीं करेंगे। आपका जो भी व्यवसाय होगा, उसकी न्यूनतम आय तय होगी और उससे अधिक जो भी होगा, वह आपको वापस मिलेगा।
सहकारिता मंत्री ने ‘भारत टैक्सी’ की तुलना दुग्ध सहकारी संस्था अमूल से करते हुए इसे बड़े पैमाने पर श्रमिक-स्वामित्व वाले उद्यम का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा, “36 लाख माताओं-बहनों ने 50-50 रुपये का निवेश कर अमूल ब्रांड को खड़ा किया था जिसका आज 1,25,000 करोड़ रुपये का कारोबार है। निजी डेयरी में मुनाफा मालिक के पास जाता है, जबकि अमूल में 85 प्रतिशत उत्पादकों को लौटता है। भारत टैक्सी भी आवागमन के क्षेत्र में यही अवधारणा है। उन्होंने बताया कि चालक 500 रुपये का शेयर लेकर इसमें सह-मालिक बन सकते हैं और सदस्य संख्या बढ़ने के साथ निदेशक मंडल में चालकों के लिए भी सीटें आरक्षित होंगी।
इस ऐप में ‘सारथी दीदी’ नामक सुविधा भी जोड़ी जाएगी : शाह
शाह ने कहा कि ‘भारत टैक्सी’ का लक्ष्य दो साल में 15 करोड़ चालकों को जोड़ने और तीन वर्षों में नगर निगम वाले सभी शहरों तक विस्तार का है। फिलहाल यह टैक्सी सेवा दिल्ली-एनसीआर और गुजरात के राजकोट में शुरू की गई है। उन्होंने स्वीकार किया कि पूर्ण लाभ-वितरण मॉडल को सक्रिय होने में तीन वर्ष तक का समय लग सकता है और इसके लिए उन्होंने चालकों से धैर्य रखने की अपील की। इस ऐप में ‘सारथी दीदी’ नामक सुविधा भी जोड़ी जाएगी, जिसके तहत अकेले यात्रा करने वाली महिलाएं महिला चालकों को प्राथमिकता दे सकेंगी।
शाह ने कहा कि मंच पर चालकों के लिए ऑनलाइन, भौतिक और कॉल सेंटर- तीन माध्यमों वाला एक शिकायत निवारण तंत्र स्थापित किया जाएगा। सभी नीतिगत बदलाव कम-से-कम एक सप्ताह पहले ऐप के माध्यम से सूचित किए जाएंगे। उन्होंने चालकों से स्वयं को ‘ड्राइवर’ के बजाय ‘सारथी’ कहने का आग्रह करते हुए कहा कि मेहनत से किया गया कोई भी काम छोटा नहीं होता है। उन्होंने कहा कि नए वाहनों के लिए सहकारी बैंकों से ऋण की सुविधा टैक्सी को गिरवी रखकर उपलब्ध कराई जाएगी तथा बीमा कवर न्यूनतम प्रीमियम पर इफको तोक्यो के साथ समझौते के तहत दिया जाएगा। दो महीने के पायलट परीक्षण के बाद पांच फरवरी को आठ प्रमुख सहकारी संगठनों के समर्थन से ‘भारत टैक्सी’ सेवा की शुरुआत की गई थी। इस मंच पर फिलहाल ड्राइवर से कोई कमीशन नहीं लिया जा रहा है जबकि अन्य एग्रीगेटर 25-30 प्रतिशत तक कटौती करते हैं।




