नई दिल्ली। जापान के आइची-नागोया में आज से 20वें एशियन गेम्स की शुरुआत हो रही है। इस बार 45 देशों के खिलाड़ी 43 खेलों के 469 मेडल इवेंट में हिस्सा लेंगे। भारत का 501 सदस्यीय दल 36 खेलों में अपनी चुनौती पेश करेगा। खास बात यह है कि भारतीय दल के 314 खिलाड़ी पहली बार एशियन गेम्स में हिस्सा ले रहे हैं।भारतीय दल में 267 पुरुष और 234 महिला खिलाड़ी शामिल हैं। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी भारत के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी हैं, जो क्रिकेट में हिस्सा लेंगे। वहीं 55 साल की श्रुति वोरा सबसे उम्रदराज भारतीय खिलाड़ी हैं और घुड़सवारी में उतरेंगी।
भारत 36 खेलों के 256 इवेंट में लेगा हिस्सा
भारत इस बार 43 में से 36 खेलों के कुल 256 इवेंट में हिस्सा लेगा। एथलेटिक्स में भारत के सबसे ज्यादा 79 खिलाड़ी उतरेंगे। इसके अलावा हॉकी में 40, क्रिकेट और शूटिंग में 30-30, कबड्डी में 24 और रोइंग में 22 भारतीय खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।क्रिकेट में पुरुष और महिला दोनों टीमें टी-20 फॉर्मेट में खेलेंगी।
छह नए खेल पहली बार मेडल स्पोर्ट के तौर पर शामिल
आइची-नागोया एशियन गेम्स में छह खेलों को पहली बार मेडल स्पोर्ट के रूप में शामिल किया गया है। इनमें:
- मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स
- पैडल
- सर्फिंग
- टेकबॉल
- वर्चुअल ताइक्वांडो
- BMX फ्रीस्टाइल
टेकबॉल फुटबॉल और टेबल टेनिस का मिश्रण है, जबकि पैडल रैकेट स्पोर्ट है। वर्चुअल ताइक्वांडो में मोशन-ट्रैकिंग और वर्चुअल रियलिटी तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।वहीं ड्रैगन बोट, रोलर स्पोर्ट्स और माइंड स्पोर्ट्स को इस बार एशियन गेम्स के कार्यक्रम से बाहर रखा गया है।
चार खेलों में ओलिंपिक क्वालिफिकेशन का रास्ता
आइची-नागोया एशियन गेम्स कुछ खिलाड़ियों के लिए लॉस एंजेलिस 2028 ओलिंपिक की राह भी खोलेंगे। आर्चरी, हॉकी, स्क्वॉश और टेनिस को ओलिंपिक क्वालिफिकेशन पाथवे से जोड़ा गया है।स्क्वॉश में पुरुष और महिला सिंगल्स के चैंपियन को ओलिंपिक कोटा मिल सकता है। हॉकी में भी पुरुष और महिला वर्ग के चैंपियन ओलिंपिक कोटा हासिल कर सकते हैं, हालांकि इसके लिए संबंधित खेल के क्वालिफिकेशन नियम लागू होंगे।
एशियन गेम्स की तैयारी पर ₹703 करोड़ खर्च
भारत ने नवंबर 2023 से अगस्त 2026 तक एशियन गेम्स की तैयारियों पर करीब ₹703 करोड़ खर्च किए हैं।इसमें लगभग ₹252 करोड़ अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने, ₹118 करोड़ घरेलू ट्रेनिंग और राष्ट्रीय कैंप, ₹89 करोड़ खेल उपकरण, ₹86 करोड़ विदेशी कोच और सपोर्ट स्टाफ तथा ₹40 करोड़ विदेशी ट्रेनिंग पर खर्च किए गए।30 खेलों के लिए 50 विदेशी विशेषज्ञों और कोचों को भी जोड़ा गया है।
इन भारतीय खिलाड़ियों पर रहेंगी नजरें
एशियन गेम्स में कई भारतीय खिलाड़ी पदक की दावेदारी पेश करेंगे। इनमें स्क्वॉश खिलाड़ी अनाहत सिंह, निशानेबाज ईशा सिंह, कंपाउंड आर्चर ज्योति सुरेखा वेन्नम, एथलीट गुलवीर सिंह, अविनाश साबले, पारुल चौधरी, लॉन्ग जंपर अंसी सोजन, वेटलिफ्टर मीराबाई चानू और पहलवान अमन सहरावत प्रमुख नाम हैं।अंसी सोजन ने 2026 में 6.88 मीटर की छलांग लगाकर अंजू बॉबी जॉर्ज का 22 साल पुराना भारतीय लॉन्ग जंप रिकॉर्ड तोड़ा था।
एशियन गेम्स में भारत का रिकॉर्ड
1951 से 2022 तक भारत ने एशियन गेम्स में कुल 778 मेडल जीते हैं। इनमें 183 गोल्ड, 238 सिल्वर और 357 ब्रॉन्ज शामिल हैं।2023 के हांगझोउ एशियन गेम्स में भारत ने पहली बार 100 मेडल का आंकड़ा पार किया था। भारत ने 28 गोल्ड, 38 सिल्वर और 40 ब्रॉन्ज सहित कुल 106 मेडल जीते थे। यह एक एशियन गेम्स में भारत का अब तक का सबसे बड़ा मेडल टैली है।
एथलेटिक्स भारत का सबसे सफल खेल
भारत ने एशियन गेम्स में अब तक 34 खेलों में मेडल जीते हैं। इनमें एथलेटिक्स सबसे आगे है, जहां भारत के खाते में 283 मेडल हैं। इसके बाद शूटिंग में 80, रेसलिंग में 65 और बॉक्सिंग में 61 मेडल हैं।व्यक्तिगत तौर पर भारत की सबसे ज्यादा एशियन गेम्स मेडल जीतने वाली एथलीट पी.टी. उषा हैं। उनके नाम कुल 11 मेडल हैं, जिनमें 4 गोल्ड और 7 सिल्वर शामिल हैं।
इस बार अलग होगा खिलाड़ियों का ठहरने का इंतजाम
आइची-नागोया एशियन गेम्स में पारंपरिक एथलीट विलेज नहीं बनाया गया है। खिलाड़ियों के ठहरने के लिए होटल, अस्थायी कंटेनर हाउस और कोस्टा सेरेना क्रूज शिप का इस्तेमाल किया जाएगा।प्रतियोगिताएं जापान के 54 वेन्यू पर आयोजित होंगी। इस बार गेम्स की आधिकारिक थीम ‘एक एशिया की कल्पना’ रखी गई है।भारत में एशियन गेम्स का प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर और डिजिटल स्ट्रीमिंग सोनी लिव पर की जाएगी।



