Asha Bhosle Death: अपनी अनूठी आवाज से हिंदी पार्श्व गायन में अलग मुकाम हासिल करने वाली दिग्गज गायिका आशा भोसले का रविवार को निधन हो गया. वह 92 वर्ष की थीं. आशा भोसले, मंगेशकर बहनों में से सबसे अलग थीं. कहा जाता है कि उनकी बहुमुखी प्रतिभा की बराबरी उनकी बहन भी नहीं कर सकती थीं. उनका विवाह सिर्फ 16 वर्ष की आयु में 1949 में गणपतराव भोसले से विवाह किया था और बाद में उन्होंने अपने सहयोगी एवं संगीतकार आर डी बर्मन से विवाह किया.
पिता से मिली थी संगीत की शिक्षा
8 सितंबर 1935 को महाराष्ट्र के सांगली में जन्मीं आशा भोसले को अपनी बहन की तरह ही उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर ने संगीत की शिक्षा दी थी. संगीत मानो उनकी नियति में ही था. चार बहनों में लता, ऊषा और आशा पार्श्व गायिका बनीं जबकि मीना संगीतकार हैं. उनके भाई हृदयनाथ मंगेशकर भी संगीतकार हैं.
हर फिल्मी गाने में होती थी मंगेशकर बहनों की आवाज
आशा ने ‘‘चैन से हम को कभी’’ में खोए हुए प्यार का शोक मनाने के साथ ही ‘‘आजा, आजा’’ पर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया था और उनकी बहन लता ने 7 दशकों तक हिंदी पार्श्व गायन की दुनिया पर राज किया. बॉलीवुड में महिला मुख्य किरदारों के लिए रिकॉर्ड किए गए लगभग हर फिल्मी गाने में मंगेशकर बहनों की आवाज होती थी. लता मंगेशकर का फरवरी 2022 में 92 वर्ष की आयु में निधन हुआ था.
12 हजार गाने किए रिकॉर्ड
8 दशकों से अधिक लंबे करियर में आशा ने अविश्वसनीय रूप से 12,000 गाने रिकॉर्ड किए. उनका पहला गाना 1943 में 10 वर्ष की आयु में मराठी फिल्म ‘‘माझा बल’’ के लिए था. उन्होंने 2010 के दशक के अंत तक और उसके बाद भी गायन जारी रखा, जिससे वह वैश्विक संगीत इतिहास में सबसे लंबे समय तक गायन करने वाली गायिका बन गईं. आशा भोसले की आवाज 80 वर्ष की उम्र में भी स्थिर और ताज़गी भरी बनी रही.
आशा भोसले ने बनाई अलग पहचान
लता मंगेशकर गीतों को आवाज देने के लिए संगीतकार मदन मोहन की पहली पसंद थीं, जिन्हें मधुर संगीत और ग़ज़लों का उस्ताद माना जाता है, वहीं आशा भोसले भी इस शैली में उतनी ही निपुण थीं. फिल्म ‘उमराव जान’ की उनकी ग़ज़लें आज भी याद की जाती हैं, जिसके लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिला था. हालांकि, उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई-पहले संगीतकार ओ पी नय्यर के साथ उनके लयबद्ध और थिरकने पर मजबूर करने वाले गीतों में, और बाद में आर डी बर्मन के साथ कैबरे, रोमांस, विरह और हर तरह के भावनात्मक गीतों में अपनी खास छाप छोड़ी.
कई प्रसिद्ध अभिनेत्रियों को दी अपनी अवाज
भोसले के लोकप्रिय गीतों में ‘अभी न जाओ छोड़ कर’, ‘इन आंखों की मस्ती’, ‘दिल चीज क्या है’, ‘पिया तू अब तो आजा’, ‘दुनिया में लोगों को’ और ‘जरा सा झूम लूं मैं’ जैसे गाने शामिल हैं. उन्होंने पद्मिनी एवं वैजयंतीमाला जैसी दक्षिण भारतीय अभिनेत्रियों से लेकर मीना कुमारी, मधुबाला, जीनत अमान, काजोल और उर्मिला मातोंडकर सहित कई प्रमुख अभिनेत्रियों को अपनी आवाज दी. आशा ने 2023 में अपने जन्मदिन के उपलक्ष्य में दुबई में आयोजित एक विशेष संगीत कार्यक्रम ‘आशा90: लाइव इन कॉन्सर्ट’ में प्रस्तुति दी थी.
एक सफल उद्यमी भी थी आशा भोसले
कई पुरस्कारों से सम्मानित आशा भोसले एक सफल उद्यमी भी थीं. उन्होंने दुबई और ब्रिटेन में ‘आशा’ नाम से लोकप्रिय रेस्तरां संचालित किया. उन्हें दादासाहेब फाल्के पुरस्कार, पद्म विभूषण, राष्ट्रीय पुरस्कार सहित कई अन्य संगीत सम्मानों से नवाजा गया.
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