Usman Khawaja Retirement: ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर उस्मान ख्वाजा ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया है. इस मौके पर उन्होंने उस दर्द को भी साझा किया है जो उन्होंने अपने पूरे करियर के दौरान झेला. ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलने वाले पहले मुस्लिम खिलाड़ी ख्वाजा ने संन्यास की घोषणा करते हुए ‘नस्लीय’ रूढ़िवादिता की भी आलोचना की जिसका अनुभव उन्होंने अपने करियर के दौरान किया था.
पाकिस्तान में जन्में ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा ने घोषणा की है कि वह इंग्लैंड के खिलाफ रविवार से सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (SCG) में शुरू होने वाले 5वें और अंतिम एशेज टेस्ट के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लेंगे.
‘पाकिस्तानी, मुस्लिम होने के कारण होता था अलग व्यवहार’
ख्वाजा ने कहा कि उन्हें लगता था कि उनके पाकिस्तानी और मुस्लिम पृष्ठभूमि के कारण उनके साथ अभी भी थोड़ा अलग व्यवहार किया जाता है. उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘मेरे साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वो अलग था, घटनाएं भी अलग थीं. मुझे पीठ में दर्द होता है जो मेरे बस में नहीं है लेकिन मीडिया और पूर्व खिलाड़ी मुझ पर टूट पड़ते हैं. मुझे लगभग 5 दिनों तक आलोचना का सामना करना पड़ा.’
क्रिकेटर ने आगे कहा, ‘मुझे लेकर कई तरह की नस्लीय रूढ़िवादिता सामने आई, जैसे कि मैं आलसी हूं, पाकिस्तानी, वेस्टइंडीज के, अश्वेत खिलाड़ी. हम स्वार्थी हैं, हम सिर्फ अपनी परवाह करते हैं, हमें टीम की परवाह नहीं है, हम कड़ी मेहनत नहीं करते. ये वो बातें थीं जिनसे मैं अपनी पूरी जिंदगी जूझता रहा हूं.’
गोल्फ खेलने पर भी करना पड़ा आलोचना का सामना
पर्थ मैच से पहले ख्वाजा की आलोचना हुई क्योंकि उन्होंने 2 बार गोल्फ खेला और वैकल्पिक अभ्यास सत्र में भाग नहीं लिया. कुछ लोगों का मानना था कि गोल्फ ही उनकी पीठ की समस्या का कारण हो सकता है. ख्वाजा ने कहा, ‘मैं आपको ऐसे कई उदाहरण दे सकता हूं जब खिलाड़ी गोल्फ खेल कर चोटिल हो गए लेकिन आप लोगों ने उनके बारे में कुछ नहीं कहा. मैं आपको ऐसे भी उदाहरण दे सकता हूं जब खिलाड़ियों ने मैच से पहले की रात को खूब बियर पी और वे अस्वस्थ हो गए लेकिन उनके बारे में भी कुछ नहीं कहा गया लेकिन जब मैं चोटिल हुआ तो मेरी प्रतिबद्धता और एक व्यक्ति के रूप में मेरी छवि पर सवाल उठा दिए गए.’
‘मुझे खुशी है कि मैं अपनी शर्तों पर विदाई ले रहा हूं’
ख्वाजा ने कहा कि उन्हें पता था कि उनके करियर का अंत निकट है. उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि इस सीरीज के शुरू होने से पहले ही मुझे अंदाजा हो गया था कि यह मेरी अंतिम श्रृंखला होगी. मुझे खुशी है कि मैं अपनी शर्तों पर विदाई ले रहा हूं.’ ख्वाजा ने कहा, ‘मैं सौभाग्यशाली हूं कि मुझे ऑस्ट्रेलिया की तरफ से इतने सारे मैच खेलने का मौका मिला. मुझे उम्मीद है कि मैंने इस दौरान लोगों को प्रेरित किया होगा.’
ख्वाजा के लिए लकी रहा है SCG मैदान
शीर्ष क्रम के बल्लेबाज ख्वाजा के लिए SCG का मैदान काफी भाग्यशाली रहा है. इंग्लैंड के खिलाफ 5वां टेस्ट उनके करियर का 88वां और आखिरी टेस्ट मैच होगा, जो उसी मैदान पर खेला जाएगा जहां से उन्होंने अपने प्रथम श्रेणी क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी. ख्वाजा ने 2018 में एससीजी में ही इंग्लैंड के खिलाफ 171 रन बनाकर एशेज में अपना पहला शतक बनाया था. SCG में ही उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 2 शतक लगाकर 35 वर्ष की उम्र में अपने करियर को नई दिशा दी. इसके बाद अगले 2 वर्षों में ख्वाजा ने 7 शतक जड़े. ख्वाजा ने अब तक 87 टेस्ट मैचों में 43.49 के औसत से 6,206 रन बनाए हैं जिसमें 16 शतक और 28 अर्धशतक शामिल हैं.
आसान नहीं रही ऐशेज सीरीज
ख्वाजा ने माना कि ऐशेज सीरीज उनके लिए आसान नहीं रही, सीरीज के पर्थ में खेले गए पहले एशेज टेस्ट में पीठ में दर्द के कारण वह पारी की शुरुआत नहीं कर पाए थे और इसके बाद चोट के कारण ब्रिस्बेन टेस्ट से बाहर रहने से टीम में उनके स्थान को लेकर सवाल उठने लग गए थे. एडिलेड में तीसरे टेस्ट मैच में उन्हें पहले टीम से बाहर रखा गया था, लेकिन स्टीव स्मिथ के अस्वस्थ होने के कारण ख्वाजा को वापसी का मौका मिला. एडिलेड में पहली पारी में 82 रन बनाकर उन्होंने मेलबर्न में खेले गए चौथे टेस्ट में अपनी जगह पक्की कर ली. पांचवें टेस्ट में 3-1 की बढ़त के साथ उतर रहे ऑस्ट्रेलिया ने एशेज बरकरार रखी है.
‘उस्मान ने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में बहुत बड़ा योगदान दिया’
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टॉड ग्रीनबर्ग ने एक बयान में कहा, ‘उस्मान ने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में बहुत बड़ा योगदान दिया है. वह ऑस्ट्रेलिया के सबसे भरोसेमंद सलामी बल्लेबाजों में से एक रहे हैं और उनकी सफलता का प्रमाण यह है कि उन्हें उसी सत्र में ICC टेस्ट क्रिकेटर ऑफ द ईयर नामित किया गया था जब ऑस्ट्रेलिया ने विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप (2023 में) जीती थी.’
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