Tuesday, April 7, 2026
HomePush Notificationप्रोबेशन में भ्रष्टाचार के आरोप, आईपीएस माधव उपाध्याय पर एक्शन, जानें विवाद...

प्रोबेशन में भ्रष्टाचार के आरोप, आईपीएस माधव उपाध्याय पर एक्शन, जानें विवाद कहां से शुरू हुआ?

भीलवाड़ा। राजस्थान कैडर के प्रोबेशनरी आईपीएस अधिकारी माधव उपाध्याय पर भ्रष्टाचार और अवैध वसूली से जुड़े गंभीर आरोप सामने आए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह मामला भीलवाड़ा जिले के कोटड़ी क्षेत्र से जुड़ा है, जहां गार्नेट कारोबारियों से कथित रूप से जबरन वसूली की जा रही थी।

पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने आईपीएस अधिकारी माधव उपाध्याय का नाम लिया, जिसके बाद मामला और गंभीर हो गया। आरोप है कि वसूली गैंग और अधिकारी के बीच मिलीभगत हो सकती है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से माधव उपाध्याय को एपीओ (Awaiting Posting Order) कर दिया है। फिलहाल उन्हें फील्ड ड्यूटी से हटाकर मुख्यालय से संबद्ध किया गया है।

वहीं, माधव उपाध्याय ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, वे उनके सूत्र (इन्फॉर्मर) थे और वे केवल सूचना के आधार पर कार्रवाई कर रहे थे।सरकारी सूत्रों के अनुसार, पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच जारी है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

इस घटनाक्रम ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है, खासकर इसलिए क्योंकि एक प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी पर सेवा के शुरुआती दौर में ही इस तरह के आरोप लगे हैं।

विवाद कहां से शुरू हुआ :

विवाद की शुरुआत भीलवाड़ा के जहाजपुर क्षेत्र से हुई, जो गार्नेट (रक्तमणि/तामड़ा) के अवैध खनन के लिए लंबे समय से चर्चित रहा है। आरोप है कि इसी इलाके में सक्रिय एक अवैध वसूली गिरोह और प्रोबेशनरी आईपीएस अधिकारी माधव उपाध्याय के बीच कथित संबंध सामने आए।

जांच के दौरान खुलासा हुआ कि एक गिरोह पुलिस कार्रवाई का डर दिखाकर अवैध खनन से जुड़े लोगों से लाखों रुपये की उगाही कर रहा था। पुलिस ने जब इस नेटवर्क पर कार्रवाई तेज की और कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया, तब अजय पांचाल नाम के एक व्यक्ति का नाम सामने आया।

पुलिस के अनुसार, अजय पांचाल के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच और व्हाट्सएप चैट की पड़ताल में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में कथित तौर पर आईपीएस माधव उपाध्याय और अजय पांचाल के बीच हुई बातचीत के रिकॉर्ड मिले हैं। इन चैट्स में वसूली, कथित सेटलमेंट और खनन माफियाओं को अनुचित लाभ पहुंचाने से जुड़ी संदिग्ध बातें होने का दावा किया जा रहा है।

इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर पुलिस मुख्यालय ने मामले की आंतरिक जांच शुरू की और विस्तृत रिपोर्ट सरकार को भेजी। इसके बाद तत्काल प्रभाव से माधव उपाध्याय को एपीओ (Awaiting Posting Order) कर दिया गया। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular