West Asia Crisis : नागपुर। केंद्र सरकार ने मंगलवार को बंबई उच्च न्यायालय को आश्वासन दिया कि वह पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच एलपीजी की किल्लत से संबंधित समस्याओं को दूर करने के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हर संभव प्रयास कर रही है। उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ ने केंद्र सरकार की दलीलों को स्वीकार करते हुए एलजीपी वितरकों की याचिका निपटारा कर दिया।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और एक निजी कंपनी को नोटिस जारी
अदालत ने छह एलपीजी वितरकों की याचिका पर 12 मार्च को केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और एक निजी कंपनी को नोटिस जारी किया था। याचिका में ईरान युद्ध से उपजे ऊर्जा संकट के बीच घरेलू रसोई गैस के सिलेंडरों की आपूर्ति बढ़ाने का अनुरोध किया गया था। अदालत ने यह निर्देश भी दिया कि घरेलू इस्तेमाल के लिए एलपीजी का भंडारण और आपूर्ति मौजूदा नीति के तहत होना चाहिए।

याचिकाकर्ताओं ने दावा किया था कि नागपुर में स्थित कॉन्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया लिमिटेड घरेलू वितरण को प्राथमिकता देने के केंद्र सरकार के निर्देश के बावजूद घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति बढ़ाने में विफल रही। अधिवक्ताओं श्याम देवानी और साहिल देवानी द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि युद्ध के कारण वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे एलपीजी उत्पादन में रुकावट आई है। याचिका में कहा गया है कि इसके बाद, मंत्रालय ने यह निर्देश दिया था कि घरेलू उपभोक्ताओं को एलपीजी के उत्पादन और आपूर्ति प्राथमिकता दी जाए।
अधिवक्ता देवानी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि केंद्र सरकार ने उच्च न्यायालय में एक हलफनामा दाखिल किया है। वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पेश हुए भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को सूचित किया कि सरकार घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एलपीजी की कमी के कारण उत्पन्न हो रही परेशानियों को हल करने के लिए सभी प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं कि अंतरराष्ट्रीय संकट का भारत पर कोई प्रभाव न पड़े।




