Russian Crude Oil: तेल की बढ़ती कीमतों के बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले अमेरिकी प्रशासन ने अन्य देशों को इस समय समुद्र में फंसे रूसी तेल की खरीद की अस्थायी अनुमति दिए जाने की घोषणा की है. ईरान के खिलाफ अमेरिका एवं इजराइल के युद्ध के जल्द समाप्त होने के तत्काल कोई संकेत नहीं मिलने के बीच यह घोषणा की गई है.अमेरिका ने इससे पहले 5 मार्च को भारत को भी प्रतिबंधों से इसी तरह की छूट दी थी ताकि वह रूसी तेल खरीद सके. यह कदम 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से बढ़ रही तेल कीमतों को कम करने के प्रयासों के तहत उठाया गया.
अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने गुरुवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक ‘पोस्ट’ में कहा, ‘अमेरिकी राष्ट्रपति वैश्विक ऊर्जा बाजारों में स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए निर्णायक कदम उठा रहे हैं और हम आतंकवादी ईरानी शासन से उत्पन्न खतरे एवं अस्थिरता से निपटते हुए कीमतों को कम रखने की दिशा में काम कर रहे हैं.’
‘रूस सरकार को इससे कोई बड़ा वित्तीय लाभ नहीं होगा’
बेसेंट ने कहा, ‘मौजूदा सप्लाई की वैश्विक पहुंच बढ़ाने के लिए अमेरिकी वित्त मंत्रालय यह अस्थायी अनुमति दे रहा है ताकि देश इस समय समुद्र में फंसे रूसी तेल को खरीद सकें. उन्होंने कहा कि कम अवधि के लिए और सीमित रूप से उठाया गया यह कदम केवल उस तेल पर लागू होगा जो पहले से परिवहन में है और इससे रूस सरकार को कोई बड़ा वित्तीय लाभ नहीं होगा, क्योंकि उसकी ऊर्जा आय का अधिकतर हिस्सा उत्पादन के बिंदु पर लगाए जाने वाले करों से आता है.
‘तेल कीमतों में अस्थायी वृद्धि अल्पकालिक’
अमेरिकी वित्त मंत्री ने आगे कहा-‘राष्ट्रपति ट्रंप की ऊर्जा समर्थक नीतियों ने अमेरिका के तेल और गैस उत्पादन को रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचाया है जिससे अमेरिकियों के लिए ईंधन की कीमतें कम हुई हैं. तेल कीमतों में अस्थायी वृद्धि अल्पकालिक और अस्थायी व्यवधान है, जिससे लंबे समय में हमारे देश और अर्थव्यवस्था को भारी लाभ होगा.’
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