Tuesday, February 24, 2026
HomePush NotificationSabarimala Review Petition : 9 न्यायाधीशों की पीठ धार्मिक स्थलों पर महिलाओं...

Sabarimala Review Petition : 9 न्यायाधीशों की पीठ धार्मिक स्थलों पर महिलाओं से भेदभाव संबंधी याचिकाओं पर सुनवाई करेगी

उच्चतम न्यायालय ने कहा कि नौ जजों की पीठ शबरिमला मंदिर समेत धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के प्रवेश से जुड़े मामलों की अंतिम सुनवाई 7 अप्रैल 2026 से शुरू करेगी। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई में पीठ 22 अप्रैल तक सुनवाई पूरी कर सकती है, जबकि केंद्र की ओर से तुषार मेहता ने पुनर्विचार याचिकाओं का समर्थन किया।

Sabarimala Review Petition : नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय (Suprime Court) ने सोमवार को कहा कि नौ न्यायाधीशों की पीठ केरल के शबरिमला मंदिर सहित विभिन्न धर्मों और धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के साथ भेदभाव से संबंधित याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई शुरू करेगी। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ ने कहा कि भारत के प्रधान न्यायाधीश द्वारा गठित की जाने वाली यह पीठ सात अप्रैल को याचिकाओं पर महत्वपूर्ण सुनवाई शुरू करेगी। इसने कहा कि सुनवाई 22 अप्रैल को पूरी होने होने की संभावना है।

महिलाओं के प्रवेश विवाद पर नौ जजों की पीठ करेगी फैसला

केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि उन्होंने शबरिमला से संबंधित उस फैसले की समीक्षा याचिकाओं का समर्थन किया है, जिसमें केरल के पवित्र पर्वतीय मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश की अनुमति दी गई थी। शबरिमला फैसले की समीक्षा का समर्थन करने वाले पक्षों के लिए पीठ द्वारा नियुक्त वकील कृष्ण कुमार सिंह नोडल अधिवक्ता हैं।

प्रधान न्यायाधीश ने कहा, हम यह उचित समझते हैं कि वरिष्ठ अधिवक्ता के. परमेश्वर और शिवम सिंह को अदालत मित्र नियुक्त किया जाए। सिंह इस न्यायालय के समक्ष सभी पक्षों के विचार प्रस्तुत करेंगे। आदेश में कहा गया, ‘‘नौ न्यायाधीशों की पीठ 7 अप्रैल, 2026 को सुबह 10:30 बजे शबरिमला पुनर्विचार मामले की सुनवाई शुरू करेगी। पुनर्विचार याचिकाकर्ताओं या उनके समर्थकों के पक्ष को 7 अप्रैल से 9 अप्रैल तक सुना जाएगा।

पुनर्विचार का विरोध करने वालों की सुनवाई 14 से 16 अप्रैल तक होगी। पुनर्विचार याचिकाकर्ताओं या उनका समर्थन करने वाले पक्ष को 7 अप्रैल से 9 अप्रैल तक सुना जाएगा। यदि कोई प्रतिवाद प्रस्तुत करना हो तो उसकी सुनवाई 21 अप्रैल, 2026 को होगी, जिसके बाद विद्वान अदालत मित्र द्वारा अंतिम और निर्णायक अभिवेदन दिए जाएंगे… जिसके 22 अप्रैल तक पूरा होने की उम्मीद है।’’ पीठ ने दोनों पक्षों के वकीलों को समय सारणी का पालन करने का निर्देश दिया।

Mukesh Kumar
Mukesh Kumarhttps://jagoindiajago.news/
समाचार लेखन की दुनिया में एक ऐसा नाम जो सटीकता, निष्पक्षता और रचनात्मकता का सुंदर संयोजन प्रस्तुत करता है। हर विषय को गहराई से समझकर उसे आसान और प्रभावशाली अंदाज़ में पाठकों तक पहुँचाना मेरी खासियत है। चाहे वो ब्रेकिंग न्यूज़ हो, सामाजिक मुद्दों पर विश्लेषण या मानवीय कहानियाँ – मेरा उद्देश्य हर खबर को इस तरह पेश करना है कि वह सिर्फ जानकारी न बने बल्कि सोच को भी झकझोर दे। पत्रकारिता के प्रति यह जुनून ही मेरी लेखनी की ताकत है।
RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular