Indonesia Earthquake : जकार्ता। इंडोनेशिया के उत्तर-पूर्व में स्थित मोलुक्का सागर क्षेत्र में गुरुवार सुबह 7.4 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 6:45 बजे दर्ज किया गया। इसका केंद्र इंडोनेशिया के टेरनेट शहर से लगभग 127 किलोमीटर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम में था, जबकि इसकी गहराई 35 किलोमीटर बताई गई है।
तेज झटकों के बाद सुनामी की आशंका को देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया गया है। अमेरिकी सुनामी चेतावनी प्रणाली ने कहा है कि भूकंप के प्रभाव से आसपास के समुद्री क्षेत्रों में ऊंची लहरें उठ सकती हैं, जिससे तटीय इलाकों को खतरा हो सकता है। पूर्वी इंडोनेशिया के टेरनेट शहर के तटीय क्षेत्रों और आसपास के द्वीपों के लिए विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। चेतावनी प्रणाली के मुताबिक भूकंप के केंद्र से करीब 1,000 किलोमीटर के दायरे में इंडोनेशिया, फिलीपींस और मलेशिया के तटों पर खतरनाक सुनामी लहरें उठने की आशंका जताई गई है।
इंडोनेशिया में क्यों बार-बार आते हैं भूकंप?
इंडोनेशिया दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में से एक है। करीब 28 करोड़ से अधिक आबादी वाला यह विशाल द्वीपसमूह कई सक्रिय फॉल्ट लाइनों पर स्थित है। साथ ही यह प्रशांत महासागर के उस क्षेत्र में आता है जिसे “रिंग ऑफ फायर” कहा जाता है। ज्वालामुखियों और टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल के कारण यहां अक्सर भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट होते रहते हैं।
साल 2022 में पश्चिम जावा के सियानजुर शहर में 5.6 तीव्रता के भूकंप ने भारी तबाही मचाई थी, जिसमें कम से कम 602 लोगों की मौत हो गई थी। इससे पहले 2018 में सुलावेसी में आए भूकंप और सुनामी ने भी व्यापक नुकसान पहुंचाया था और 4,300 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी।
वहीं, 2004 में हिंद महासागर में आए भीषण भूकंप के बाद आई सुनामी ने इतिहास की सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदाओं में से एक को जन्म दिया था। इस आपदा में एक दर्जन से अधिक देशों में करीब 2.3 लाख लोगों की मौत हुई थी, जिनमें सबसे ज्यादा लोग इंडोनेशिया के आचे प्रांत के थे।



