Wednesday, July 24, 2024
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मणिपुर में महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाने के मामले में पांचवां आरोपी गिरफ्तार

इंफाल। मणिपुर पुलिस ने राज्य के कांगपोकपी जिले में चार मई को दो आदिवासी महिलाओं को निर्वस्त्र करके घुमाने के संबंध में पांचवें व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी उम्र लगभग 19 वर्ष है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। आरोप है कि भीड़ ने महिलाओं को छोड़ने से पहले उनका यौन उत्पीड़न किया। बुधवार को इस घटना का 26 सेकेंड का वीडियो सामने आया था। बी. फाइनोम गांव में महिलाओं की परेड कराने वाली भीड़ में शामिल रहे व्यक्ति को एक महिला को घसीटते हुए देखा गया था। यह व्यक्ति गुरुवार को गिरफ्तार किए गए चार लोगों के साथ शामिल था।

दुश्मनों से लड़ा, अपनों से हारा पूर्व सैनिक

पुलिस ने कहा कि इन चार लोगों को शुक्रवार को 11 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
जिन दो महिलाओं के साथ यह शर्मनाक घटना हुई, उनमें से एक भारतीय सेना के पूर्व जवान की पत्नी है, जिसने असम रेजिमेंट में सूबेदार के रूप में सेवाएं दी थीं और करगिल युद्ध में भी हिस्सा लिया था। घटना से जुड़े वीडियो को लेकर कांगपोकपी जिले के सैकुल पुलिस थाने में 21 जून को शिकायत दर्ज कराई गई थी। मामले में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, भीड़ ने चार मई को एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी, जिसने कुछ लोगों को अपनी बहन से दुष्कर्म करने से रोकने की कोशिश की थी। प्राथमिकी के मुताबिक, इसके बाद दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाया गया और दूसरे लोगों के सामने ही उनका यौन उत्पीड़न किया गया।

मां ने कहा, गायब है बेटी और उसकी दोस्त

एक अन्य घटना में, एक आदिवासी महिला ने सैकुल थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उसने कहा था कि चार मई को कोनुंग ममांग के निकट किराए के घर में उसकी 21 वर्षीय बेटी और बेटी की 24 वर्षीय दोस्त से बलात्कार किया गया और फिर दोनों की बर्बरतापूर्वक हत्या कर दी गई। महिला ने कहा कि वे दोनों एक कार वॉशिंग स्टेशन पर केयरटेकर के रूप में काम करती थीं और उनके शव अभी तक बरामद नहीं हुए हैं। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। हालांकि, प्राथमिकी में सामूहिक दुष्कर्म या हत्या का कोई आरोप नहीं लगाया गया है।

अब तक 160 से ज्यादा मौतें

मणिपुर में अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की बहुसंख्यक मेइती समुदाय की मांग के विरोध में पहाड़ी जिलों में तीन मई को ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के आयोजन के बाद राज्य में भड़की जातीय हिंसा में अब तक 160 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

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