Women’s Day 2026: राजस्थान के झुंझुनूं जिले से ताल्लुक रखने वाली मीना सोनी आज महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन चुकी हैं. पिछले करीब 10 सालों से वह Jaipur Metro में लोको पायलट के रूप में कार्यरत हैं. मीना का नाम उन चुनिंदा महिला लोको पायलट में शामिल है जिन्होंने जयपुर में पहली बार अपने हाथों से मेट्रो ट्रेन चलाई.
मीना सोनी का संबंध झुंझुनूं जिले के बिसाउ से है। वह अपने परिवार की पहली लड़की हैं जो उच्च शिक्षा के लिए गांव से बाहर निकलकर जयपुर आईं। उन्होंने BSC करने के बाद राजस्थान यूनिवर्सिटी से गणित विषय में MSC की पढ़ाई पूरी की।
मेट्रो का काम चलता देख बनाया इसी में करियर बनाने का मन
मीना बताती हैं कि पढ़ाई के दौरान वर्ष 2013 में वह कई बार जयपुर के परकोटे क्षेत्र में जाती थीं। उसी समय शहर में मेट्रो का निर्माण कार्य चल रहा था। मेट्रो परियोजना को देखकर उनके मन में इसी क्षेत्र में करियर बनाने का विचार आया और उन्होंने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी।
उन्होंने स्टेशन कंट्रोलर-कम-ट्रेन ऑपरेटर की परीक्षा पास की और मेट्रो सर्विसेज को ज्वॉइन किया। इसके बाद दिल्ली में विशेष ट्रेनिंग प्राप्त करने के बाद 3 जून 2015 को उन्होंने पहली बार मेट्रो ट्रेन चलाई। यह क्षण उनके लिए ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार के लिए गर्व का पल था।
मेट्रो संचालन के साथ निभा रहीं परिवार की जिम्मेदारी
आज मीना सोनी न केवल मेट्रो ट्रेन का संचालन कर रही हैं, बल्कि अपने परिवार और करीब तीन साल के बच्चे की जिम्मेदारी भी बखूबी संभाल रही हैं। उनका कहना है कि महिलाएं जीवन में कोई भी मुकाम हासिल कर सकती हैं, बस इसके लिए सबसे जरूरी है अच्छी शिक्षा और आत्मविश्वास।
मीना सोनी ने यह साबित किया कि अगर दृढ़ निश्चय और मेहनत हो तो किसी भी क्षेत्र में महिलाएं नई पहचान बना सकती हैं। उनकी सफलता आज कई युवतियों को अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित कर रही है.




