Rahul Gandhi on Labour Codes : नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने चार श्रम संहिताओं का हवाला देते हुए बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि मजदूरों और किसानों के भविष्य को नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने सवाल किया कि क्या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मजदूरों और किसानों की सुनेंगे या उन पर किसी “ग्रिप” की पकड़ बहुत मज़बूत है?
आज देशभर में लाखों मजदूर और किसान अपने हक़ की आवाज़ बुलंद करने सड़कों पर हैं।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 12, 2026
मजदूरों को डर है कि चार श्रम संहिताएँ उनके अधिकारों को कमजोर कर देंगी।
किसानों को आशंका है कि व्यापार समझौता उनकी आजीविका पर चोट करेगा।
और मनरेगा को कमजोर या खत्म करने से गांवों का आख़िरी सहारा भी…
राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, आज देश भर में लाखों मजदूर और किसान अपने हक़ की आवाज़ बुलंद करने के लिए सड़कों पर हैं। मजदूरों को डर है कि चार श्रम संहिताएं उनके अधिकारों को कमजोर कर देंगी। उनके मुताबिक, किसानों को आशंका है कि (अमेरिका के साथ किया गया) व्यापार समझौता उनकी आजीविका पर चोट करेगा।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, मनरेगा को कमजोर या खत्म करने से गांवों का आख़िरी सहारा भी छिन सकता है। जब उनके (मजदूरों और किसानों के) भविष्य से जुड़े फैसले लिए गए, तब उनकी आवाज़ को नज़रअंदाज़ कर दिया गया। उन्होंने सवाल किया कि क्या मोदी जी अब सुनेंगे या उन पर किसी “ग्रिप” की पकड़ बहुत मज़बूत है? राहुल गांधी ने कहा, ‘‘ मैं मजदूरों और किसानों के मुद्दों और उनके संघर्ष के साथ मजबूती से खड़ा हूं।’’
‘क्या पीएम मोदी पर किसी ‘ग्रिप’ की पकड़ बहुत मजबूत है?’
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि मनरेगा को कमजोर या खत्म करने से गांवों का आखिरी सहारा भी छिन सकता है। जब उनके (मजदूरों और किसानों के) भविष्य से जुड़े फैसले लिए गए, तब उनकी आवाज को नजरअंदाज कर दिया गया। उन्होंने सवाल किया कि क्या पीएम मोदी अब सुनेंगे या उन पर किसी ‘ग्रिप’ की पकड़ बहुत मजबूत है?




