Somnath Swabhiman Parv: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व को संबोधित करते हुए कहा कि आजादी के बाद गुजरात में सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का विरोध करने वाली ताकतें अब भी सक्रिय हैं और भारत को उन्हें हराने के लिए सतर्क, एकजुट तथा शक्तिशाली बने रहने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि सोमनाथ का इतिहास विनाश और पराजय का नहीं, बल्कि विजय और पुनर्निर्माण का है. उन्होंने कहा कि यह समय का चक्र है जिसके तहत आततायी अब इतिहास के पन्नों में सिमट गए हैं लेकिन सोमनाथ मंदिर आज भी शान से खड़ा है.
#WATCH | सोमनाथ, गुजरात: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "आज जब मैं आपसे बात कर रहा हूं तो बार-बार मन में प्रश्न आ रहा है कि ठीक 1000 वर्ष पहले, ठीक इसी जगह पर क्या माहौल रहा होगा?… अपनी आस्था, अपने विश्वास, अपने महादेव के लिए हमारे पुरखों ने अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया।… pic.twitter.com/48YwYqO9hy
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 11, 2026
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व 1026 ईस्वी में महमूद गजनी द्वारा सोमनाथ मंदिर पर किए गए आक्रमण के 1000 वर्ष पूरे होने के मौके पर आयोजित किया गया है. इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा, ‘नफरत, अत्याचार और आतंक का सच्चा इतिहास हमसे छिपाया गया और हमें सिखाया गया कि यह हमला मंदिर को लूटने का प्रयास था.’
#WATCH | सोमनाथ, गुजरात: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "…सोमनाथ का इतिहास विनाश और पराजय का इतिहास नहीं है, यह विजय और पुनर्निमाण का है। हमारे पूर्वजों के पराक्रम का है, हमारे पूर्वजों के त्याग और बलिदान का है। आक्रांता आते रहे लेकिन हर युग में सोमनाथ पुन: स्थापित होता रहा,… pic.twitter.com/ipKkBWXdEL
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‘पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की शपथ ली’
मोदी ने कहा कि यदि सोमनाथ पर हमला धन-संपत्ति लूटने के लिए किया गया होता, तो पहला हमला ही काफी था लेकिन इस पर बार-बार हमले किए गए और इसके देवता का अपमान किया गया. उन्होंने कहा कि आजादी के बाद जब सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की शपथ ली, तो उनके रास्ते में बाधाएं खड़ी की गईं.
‘सोमनाथ मंदिर पुनर्निर्माण में बाधा डालने वाली ताकतें आज भी मौजूद’
मोदी ने कहा, ‘तुष्टीकरण में लिप्त लोगों ने चरमपंथी मानसिकता वाले लोगों के सामने घुटने टेक दिए. सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण में बाधा डालने वाली ताकतें आज भी हमारे बीच मौजूद हैं. ऐसी ताकतों को हराने के लिए हमें सतर्क, एकजुट और शक्तिशाली बने रहने की जरूरत है.’
#WATCH | सोमनाथ, गुजरात: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "जब महमूद गजनी से लेकर औरंगजेब तक तमाम आक्रांता सोमनाथ पर हमला कर रहे थे तो उन्हें लग रहा था कि उनकी तलवार सनातन सोमनाथ को जीत रही है, वे मज़हबी कट्टरपंथी यह नहीं समझ पाए कि जिस सोमनाथ को वे नष्ट करना चाहते हैं उसके नाम… pic.twitter.com/LUkNCBDd6J
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‘1000 साल बाद भी सोमनाथ का झंडा शान से लहरा रहा’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘सोमनाथ की कहानी भारत की कहानी है. विदेशी आततायियों ने इस मंदिर की तरह कई बार भारत को नष्ट करने की कोशिश की. आततायियों ने सोचा कि मंदिर को नष्ट करके उन्होंने जीत हासिल कर ली है लेकिन 1000 साल बाद भी सोमनाथ का झंडा शान से लहरा रहा है. उन्होंने कहा कि विश्व के इतिहास में इन 1,000 वर्षों के संघर्ष की कोई बराबरी नहीं है.
#WATCH | सोमनाथ, गुजरात: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "यह समयचक्र है, सोमनाथ को ध्वस्त करने की मंशा लेकर आए मज़हबी आक्रांता आज इतिहास के कुछ पन्नों में सिमट कर रह गए हैं और सोमनाथ मंदिर उसी विशाल समुद्र के किनारे गगनचुंबी धर्मध्वजा को थामे खड़ा है।"
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