Tuesday, January 20, 2026
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Trump criticized Britain : अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने चागोस द्वीपसमूह मॉरीशस को सौंपने के ब्रिटेन के फैसले की आलोचना की, ब्रिटेन ने बचाव किया

चागोस द्वीपसमूह की संप्रभुता मॉरीशस को सौंपने के ब्रिटेन के फैसले पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीखी आलोचना की। उन्होंने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए कहा कि इससे चीन और रूस को फायदा मिल सकता है। ब्रिटिश सरकार ने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि डिएगो गार्सिया स्थित अमेरिकी-ब्रिटिश सैन्य अड्डा अगले 100 वर्षों तक सुरक्षित रहेगा।

Trump criticized Britain : लंदन। चागोस द्वीपसमूह की संप्रभुता मॉरीशस को सौंपने के ब्रिटेन के फैसले की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) द्वारा आलोचना किए जाने के बाद हैरत में पड़ी ब्रिटिश सरकार ने मंगलवार को अपने निर्णय का बचाव किया। इससे पहले ट्रंप प्रशासन ने ब्रिटेन के इस फैसले का समर्थन किया था। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हैरानी की बात है कि हमारा ‘शानदार’ नाटो सहयोगी ब्रिटेन इस समय डिएगो गार्सिया द्वीप (जहां अमेरिका का एक अत्यंत महत्वपूर्ण सैन्य अड्डा स्थित है) को मॉरीशस को सौंपने की योजना बना रहा है और वह भी बिना किसी वजह के। उन्होंने कहा, इसमें कोई संदेह नहीं है कि चीन और रूस ने पूरी तरह कमजोरी भरे इस कदम पर ध्यान दिया होगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ब्रिटेन की आलोचना

ट्रंप ने कहा, ब्रिटेन द्वारा अत्यंत महत्वपूर्ण भूमि को सौंपा जाना घोर मूर्खता का कार्य है और यह राष्ट्रीय सुरक्षा के उन कई कारणों में से एक है जिनके चलते ग्रीनलैंड पर अमेरिकी कब्जा आवश्यक है। अमेरिकी राष्ट्रपति की यह तीखी प्रतिक्रिया ग्रीनलैंड को लेकर बढ़े तनाव को शांत करने और कमजोर पड़ चुके अटलांटिक पार संबंधों को सुधारने के ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के प्रयासों के लिए एक झटका है। स्टार्मर ने सोमवार को ग्रीनलैंड पर कब्जा करने संबंधी ट्रंप के बयानों को ‘‘पूरी तरह गलत’’ बताया, लेकिन साथ ही कहा कि इस मतभेद को ‘‘शांतिपूर्ण चर्चा के जरिये सुलझाया जाना चाहिए।’’

ब्रिटेन और मॉरीशस ने मई में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे जिसके तहत दो सदियों तक ब्रिटिश नियंत्रण में रहने के बाद चागोस द्वीपसमूह की संप्रभुता मॉरीशस को दी जाएगी। हालांकि, इस द्वीपसमूह के जिस डिएगो गार्सिया द्वीप पर अमेरिकी सैन्य अड्डा स्थित है, उसे ब्रिटेन कम से कम 99 साल के लिए पट्टे पर वापस लेगा। अमेरिका सरकार ने पूर्व में समझौते का स्वागत करते हुए कहा था कि इससे ‘‘डिएगो गार्सिया में स्थित संयुक्त अमेरिकी-ब्रिटिश सैन्य अड्डे का दीर्घकालिक, स्थिर और प्रभावी संचालन सुनिश्चित होगा।’’ ब्रिटेन के कैबिनेट मंत्री डैरेन जोन्स ने मंगलवार को कहा कि यह समझौता ‘‘अगले 100 वर्षों के लिए उस सैन्य अड्डे को सुरक्षित करेगा।’’

ब्रिटेन मॉरीशस समझौता, अदालत ने दिया था आदेश

हाल के वर्षों में संयुक्त राष्ट्र और इसकी सर्वोच्च अदालत ने ब्रिटेन से द्वीपों को मॉरीशस को लौटाने को कहा है। सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि ‘‘ब्रिटेन हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा पर कभी समझौता नहीं करेगा’’, और ‘‘यह समझौता डिएगो गार्सिया स्थित संयुक्त अमेरिकी-ब्रिटिश सैन्य अड्डे के संचालन को पीढ़ियों तक सुरक्षित करता है, जिसमें इसकी अनूठी क्षमताओं को बरकरार रखने और हमारे दुश्मनों को बाहर रखने के लिए मजबूत प्रावधान शामिल हैं।’’ लेकिन इस समझौते का ब्रिटेन के विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध किया है। उनका कहना है कि द्वीपों को छोड़ने से उन पर चीन और रूस के हस्तक्षेप का खतरा बढ़ सकता है। समझौते को मंजूरी देने वाला विधेयक ‘हाउस ऑफ कॉमन्स’ (निचले सदन) में पारित हो चुका है, लेकिन ऊपरी सदन में इसका कड़ा विरोध हुआ। सदन ने इसे पारित करने के साथ-साथ विधेयक पर खेद व्यक्त करते हुए एक प्रस्ताव भी पारित किया। मंगलवार को इस पर आगे की चर्चा के लिए इसे सदन में फिर से प्रस्तुत किया जाएगा।

कंजर्वेटिव पार्टी नेता केमी बैडेनोच ने इस समझौते को लेकर स्टार्मर की लेबर पार्टी सरकार की आलोचना की। बैडेनोच ने एक पोस्ट में कहा कि ट्रंप सही हैं और स्टार्मर की ‘‘चागोस द्वीप समूह को सौंपने की योजना एक भयानक नीति है जो ब्रिटेन की सुरक्षा को कमजोर करती है तथा हमारी संप्रभुता को छीन लेती है। और तो और, यह हमें तथा हमारे नाटो सहयोगियों को हमारे दुश्मनों के सामने कमजोर बनाती है।’’ अमेरिका के अनुसार, डिएगो गार्सिया सैन्य प्रतिष्ठान में लगभग 2,500 (ज्यादातर अमेरिकी सैनिक) तैनात हैं और यह मध्य पूर्व, दक्षिण एशिया तथा पूर्वी अफ्रीका में सुरक्षा अभियानों के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र है। चागोस द्वीपसमूह 1814 से ब्रिटिश नियंत्रण में हैं, जब फ्रांस ने इसे ब्रिटेन को सौंप दिया था।

Mukesh Kumar
Mukesh Kumarhttps://jagoindiajago.news/
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